एसजीपीजीई के नेशनल सेमीनार में डाॅ. तनुज भाटिया के पेपर प्रस्तुतीकरण को प्रथम स्थान – Uttarakhand Prime 24X7

एसजीपीजीई के नेशनल सेमीनार में डाॅ. तनुज भाटिया के पेपर प्रस्तुतीकरण को प्रथम स्थान

देहरादून। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) लखनऊ में नेशनल सेमीनार आयोजित हुआ। नेशनल सेमीनार में श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के काॅर्डियोलाॅजी विभाग के पेपर प्रस्तुतीकरण को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। नेशनल सेमीनार में देश भर के काॅर्डियोलाॅजिस्ट ने प्रतिभाग किया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के वरिष्ठ काडियोलाॅजिस्ट डाॅ तनुज भाटिया ने नेशनल सेमीनार में हार्ट फेलियर सावधानी एवम् रोकथाम विषय पर पेपर प्रस्तुतिकरण दिया।डीएम काॅर्डियोलाॅजी अध्ययनरत डाॅक्टरों डाॅ साईं देवव्रत, डाॅ अभिषेक रस्तोगी एवम् डाॅ प्रांजल जोशी ने डाॅ तनुज भाटिया को पेपर प्रस्तुतिकरण में सहयोग किया। उनके पेपर प्रस्तुतिकरण को ज्यूरी सदस्यों द्वारा प्रथम स्थान पर चुना गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने डाॅ तनुज भाटिया व तीनों डाॅक्टरों को बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। डाॅ तनुज भाटिया ने जानकारी दी कि हार्ट फेलियर के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक ठीक से धड़कना बंद कर देता है। इससे मरीज की शरीर के कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाती है। आॅक्सीजन की कमी के कारण काॅर्डियक अरेस्ट हो सकता है, यह जानलेवा स्थिति है। वर्तमान जीवन शैली व शारीरिक समस्याओं को देखते हुए संतुलित आहार, संयमित जीवन शैली, नियमित व्यायाम व रोगियों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श परम आवश्यक है। हार्ट फेलियर के 20 से 40 प्रतिशत मामलों में आयरन की कमी मुख्य वजह है। आयरन की कमी को पूरा करने से हार्ट फेलियर के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है एवम् फ्लू वैक्सीन का इस्तेमाल भी हार्ट फेलियर के मरीजों के सम्भावित लक्ष्णों को कम करने में कारगर है।

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