Chamoliउत्तराखंड

बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा चोरी के खिलाफ विधायक बुटोला का मौन व्रत

बीकेटीसी अध्यक्ष को हटाने की मांग

Date/07/07/2026

Chamoli/Uttarakhand prime 24×7 

चमोली। बदरीनाथ धाम से जुड़े कथित चढ़ावा विवाद के बीच अब जनाक्रोश सड़क पर उतर आया है। जोशीमठ के मुख्य चैराहे पर जहां सोमवार को स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने प्रदेश सरकार एवं मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, तो वहीं आज बदरीनाथ धाम में इसी मामले को लेकर विधायक लखपत बुटोला सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौन व्रत शुरू किया। मौन व्रत करीब एक घंटे चला। कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने बीकेटीसी अध्यक्ष को हटाने की मांग की है।

भू बैकुंठ नगरी श्री बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा, दान चोरी प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं संग मंदिर सिंह द्वार के बाहर परिसर में मौन व्रत किया है। उन्होंने ठज्ञज्ब् प्रशासन सहित सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए इस कथित चढ़ावा दान चोरी प्रकरण की कड़ी जांच की मांग की है।

बदरीनाथ सीट से कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला ने पूरे प्रकरण में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ उच्च स्तरीय न्यायिक या एसआईटी जांच की मांग की है। विधायक लखपत सिंह बुटोला ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर पहले भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। उसके बाद कहा कि यह सिर्फ पैसों का भ्रष्टाचार नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन संस्कृति और स्वाभिमान पर चोट है।

मामले की शीघ्र जांच और कार्रवाई को लेकर आज मंगलवार सुबह विधायक लखपत बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी संग बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बदरीनाथ सिंह द्वार के बाहर परिसर में मौन व्रत पर बैठ गए। अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए दान चोरी प्रकरण के बाद अब बदरीनाथ मंदिर में भी चढ़ावे और दान की धनराशि में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति इस प्रकरण की जांच कर रही है।

भैरव सेना नाम के संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारियों और मंदिर समिति के अधिकारियों पर चढ़ावे की राशि में आर्थिक हेराफेरी का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं इस मामले को लेकर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी ने 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इसके साथ ही गणना प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

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