
Date/15/07/2026
Chamoli/Uttarakhand prime 24×7
चमोली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण‘ सेवा पखवाड़े के तहत आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की तथा 60 हजार से अधिक लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार जनता के बीच पहुंचकर अपनी जवाबदेही निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सीमान्त गांवांे को प्रथम गांव के रूप में पहचान दिलाये जाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त ‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा‘ का संकल्प आज विकास कार्यों के माध्यम से धरातल पर साकार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने बीते वर्षों में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पहली बार राज्य में जी-20 की बैठकों का सफल आयोजन हुआ, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की गई, शीतकालीन यात्रा प्रारंभ की गई, जिससे पर्यटन और स्थानीय रोजगार को नया विस्तार मिला। उन्होंने बताया कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर कार्य शुरू हो चुका है। राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जीएसटी संग्रह बढ़ा है, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज हुई है तथा स्टार्टअप, पर्यटन और होमस्टे के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आ रही है और युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार अपना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर देश में ऐतिहासिक पहल की है। साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर प्रदेश में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।




