
Date/14/05/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। किसानों की आय बढ़ाने, जैविक खेती, वैज्ञानिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड से एक-एक गांव का चयन कर उसे कृषि एवं उद्यान के क्षेत्र में आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, भूमि की गुणवत्ता और स्थानीय आवश्यकताओं का अध्ययन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन-से फल, सब्जियां अथवा अन्य कृषि उत्पाद अधिक बेहतर ढंग से विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र विशेष की विशेषताओं के अनुरूप योजनाबद्ध कार्य कर राज्य को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को आगामी तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पन्त, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर तथा अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों तथा उच्च गुणवत्ता वाले पौध, बीज और खाद उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से तिलहनी फसलों जैसे सरसों, तिल, सूरजमुखी, सोयाबीन के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को इन फसलों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिले और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो।




