आगामी मानसून एवं आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा, डीएम ने विभागों से 7 दिनों के भीतर मांगा माइक्रो प्लान
आपदा कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्तः डीएम

Date/01/05/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। आगामी मानसून काल को दृष्टिगत रखते हुए जनपद में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान ने सभी संबंधित विभागों को माइक्रो लेवल प्लान तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप जमीनी स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करे। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम एवं समस्त नगर निकायों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित समस्त नदी-नालों एवं जल निकासी तंत्र की युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए 7 दिवस के भीतर कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने जलभराव की संभावनाओं को देखते हुए सभी निकायों में टास्क फोर्स एवं कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा नदी-नाला एवं नाली सफाई की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संभावित सम्पर्क-विहीन होने वाले गांवों एवं क्षेत्रों की सूची तैयार करने, जलभराव प्रभावित स्थलों का चिन्हीकरण करने तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए क्यूआरटी गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे बसे गांवों एवं आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा हेतु पृथक कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने तहसील स्तर पर उपलब्ध आपदा राहत एवं बचाव उपकरणों, संसाधनों तथा मानव संसाधन की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एनएचएआई के अधिकारियों को जनपद के सभी चिन्हित लैंडस्लाइड जोन का पुनः सत्यापन एवं चिन्हीकरण करने, आपदा संभावित मार्गों पर आवश्यक मशीनरी एवं मानव संसाधन पूर्व से तैनात रखने तथा जेसीबी एवं अन्य मशीन आपरेटरों के संपर्क विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल वैकल्पिक मार्गों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा सभी वैकल्पिक मार्गों का पूर्व चिन्हीकरण कर लिया जाए। मानसून के दौरान बंद होने वाले मार्गों को युद्धस्तर पर खोलने हेतु विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि संवेदनशील एवं दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत गर्भवती महिलाओं तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) वाली महिलाओं का चिन्हीकरण कर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने हेतु समय रहते सुरक्षित स्थानों अथवा चिकित्सालयों में स्थानांतरण की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम हेतु सर्विलांस प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए फीवर क्लीनिक, जांच व्यवस्था, दवा उपलब्धता तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों का 7 दिवस के भीतर विस्तृत माइक्रो लेवल प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार की जाए जहां पहुंचने के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नदी-नालों अथवा लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों के लिए विशेष शैक्षणिक व्यवस्था विकसित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर शिक्षक सप्ताह में निर्धारित दिवसों पर गांव-गांव जाकर विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य उपलब्ध कराएं, जिससे आपदा अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।
विद्युत विभाग को जनपद में जर्जर विद्युत पोल, झूलती हुई विद्युत लाइनों एवं जोखिमपूर्ण विद्युत ढांचे का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रास्फार्मरों एवं विद्युत लाइनों के समीप स्थित पेड़ों की आवश्यक लोपिंग एवं कटान कर सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कार्य पूर्ण होने का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया। डीएम ने जल संस्थान एवं पेयजल निगम को पेयजल आपूर्ति तथा आपदा में क्षतिग्रस्त लाईनों के पुनः स्थापन हेतु प्रभावी योजतना बनाते हुए मॉनिटिरिंग करने के निर्देश दिए।




