सौरगाड़ नदी में छोड़े गए 20 हजार महाशीर मत्स्य बीज – Uttarakhand Prime 24X7

सौरगाड़ नदी में छोड़े गए 20 हजार महाशीर मत्स्य बीज

Date/11/07/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में जलीय जैव विविधता के संरक्षण और मत्स्य संसाधनों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदाकिनी नदी की सहायक सौरगाड़ नदी में 20 हजार महाशीर मत्स्य बीजों का संचय (स्टॉकिंग) किया गया। यह मत्स्य बीज भीमताल मत्स्य प्रजनन केंद्र से लाकर नदी में प्रवाहित किए गए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि महाशीर उत्तराखंड की प्रमुख एवं दुर्लभ स्वदेशी मत्स्य प्रजातियों में से एक है। इसका संरक्षण एवं संवर्धन न केवल नदियों की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों में स्वदेशी मत्स्य प्रजातियों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर सिद्ध होगा। ऐसे अभियान जल संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, गंगा संरक्षण समिति की परियोजना अधिकारी अभिलाषा पंवार, जिला मत्स्य प्रभारी मंजू भाकुनी, मत्स्य निरीक्षक गणेश अग्रवाल, अरविंद कुमार, नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के सुपरवाइजर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने मत्स्य संरक्षण, नदियों की स्वच्छता तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई। यह पहल जनपद में जलीय जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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