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ईस्टर के दिन चर्च पर हमलाः देहरादून के मॉरिसन मेमोरियल चर्च में भूमाफिया के कब्जे की कोशिश, 27 पर एफआईआर

ईस्टर के दिन चर्च पर हमलाः देहरादून के मॉरिसन मेमोरियल चर्च में भूमाफिया के कब्जे की कोशिश, 27 पर एफआईआर

Date 29/04/2025

Dehradun/Uttarakhand Prime 24×7 

रिपोर्ट अमित रावत

 

ईस्टर के दिन चर्च पर हमलाः देहरादून के मॉरिसन मेमोरियल चर्च में भूमाफिया के कब्जे की कोशिश, 27 पर एफआईआर

स्थानीय ईसाई समुदाय ने ब्छप् ट्रस्ट पर उठाए गंभीर सवाल, पादरियों समेत कई प्रभावशाली लोगों पर ज़मीन बेचने की साज़िश का आरोप

 

देहरादून। ईस्टर के पावन पर्व पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लगभग 100 लोगों की भीड़ ने मॉरिसन मेमोरियल चर्च पर सुनियोजित हमले के तहत मुख्य गेट तोड़कर जबरन घुसपैठ की और चर्च में प्रार्थना कर रहे सदस्यों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

इस हमले में चर्च के कई वरिष्ठ सदस्य, महिलाएं और युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ का नेतृत्व चर्च से जुड़े पादरी विशाल चरण और एस.पी. लाल कर रहे थे। इनके साथ सीएनआई (ब्छप्) से जुड़े कुछ प्रमुख नाम जैसे कृ जॉन नंदा (वाइनबर्ग-एलन स्कूल, मसूरी), नितेश एंड्रयू (प्राचार्य, ब्छप् बॉयज इंटर कॉलेज), रेबेका सिंह (प्राचार्या, ब्छप् गर्ल्स इंटर कॉलेज), वी. शेयरिंग (ग्रेस अकादमी स्कूल), कर्नल सुनील सरकार (सेवानिवृत्त), स्टीफन सिंह, प्रोमिला सिंह और पादरी पी.जे. सिंह शामिल थे।

 

चर्च की जमीन को बेचे जाने की साज़िश?

स्थानीय समुदाय का आरोप है कि ब्छप् आगरा डायोसीस ट्रस्ट एसोसिएशन (।क्ज्।) पहले ही सेंट थॉमस चर्च की ज़मीन बेच चुका है और अब मॉरिसन मेमोरियल चर्च को भी भूमाफिया को सौंपने की तैयारी कर रहा है। चर्च सदस्यों का कहना है कि इस साज़िश में पादरियों की मिलीभगत है, जिन्होंने कथित रूप से भू-माफियाओं से अग्रिम राशि भी ले ली है।

27 आरोपियों पर दर्ज हुआ केस

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दंगा, मारपीट, जबरन घुसपैठ और महिलाओं के साथ बदसलूकी के गंभीर आरोपों में 27 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। घटना ने पूरे देहरादून के ईसाई समुदाय में रोष की लहर फैला दी है, जो अब अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।

ष्हम अपनी जमीन नहीं जाने देंगेष् कृ चर्च सदस्य

स्थानीय चर्च सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अब इस मुद्दे को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में हैं। चर्च की संपत्ति को संरक्षित करने और ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर वे मीडिया, मानवाधिकार संगठनों और सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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