रुद्रप्रयाग में महिलाओं ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई पहचान – Uttarakhand Prime 24X7

रुद्रप्रयाग में महिलाओं ने गढ़ी आत्मनिर्भरता की नई पहचान

Date/10/06/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के गुलाबराय क्षेत्र में महिलाओं ने आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण का ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। जिम कॉर्बेट म्यूजियम परिसर में संचालित उन्नति स्वयं सहायता समूह की पांच महिलाएं सामूहिक प्रयासों से रेस्टोरेंट एवं स्थानीय उत्पादों के बिक्री केंद्र का सफल संचालन कर रही हैं। उनके इस सराहनीय प्रयास ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है।

रेस्टोरेंट में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तथा चारधाम यात्रियों को उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों का विशिष्ट स्वाद परोसा जा रहा है। यहां झंगोरे की खीर, पहाड़ी राजमा, भट्ट के डुबके, भट्ट का फाणा, काफुली तथा पहाड़ी कढ़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय व्यंजनों की विशिष्टता और स्वाद पर्यटकों को पहाड़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति से परिचित करा रहा है।

रेस्टोरेंट के साथ संचालित आउटलेट में स्थानीय किसानों और कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी उपलब्ध हैं। इनमें विभिन्न प्रकार की पहाड़ी दालें, जूट से निर्मित हस्तशिल्प सामग्री तथा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम से संबंधित स्मृति चिन्ह शामिल हैं। इन उत्पादों की बढ़ती मांग से जहां महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है, वहीं स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को भी व्यापक बाजार उपलब्ध हो रहा है।

उन्नति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की यह पहल सिद्ध कर रही है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, सामूहिक प्रयास और उपलब्ध अवसरों का समुचित उपयोग कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक भी बन सकती हैं। स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार के माध्यम से ये महिलाएं उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खानपान और लोक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की यह पहल आज महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की जीवंत मिसाल बन चुकी है। पहाड़ की बेटियों का यह संघर्ष, परिश्रम और सफलता उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती हैं।

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