
Date/07/11/2025
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। राष्ट्रीय गीत ‘‘वंदे मातरम’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’’ का विमोचन एवं रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिन्ह का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग द्वारा विशिष्ट साहसिक प्रदर्शन किया गया, इसमें विशेष रूप से मोटरसाइकिल दल द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया। राज्यपाल ने उकृष्ट सेवाओं के लिए ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ एवं ‘पुलिस पदक’ प्राप्त पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया।
रजत जयंती समारोह के अवसर पर इस वर्ष का उत्तराखण्ड गौरव सम्मान निशानेबाज पद्श्री जसपाल राणा, उद्यमी एवं समाजसेवी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली एवं लेखक स्व. शैलेश मटियानी को दिया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 प्रदान किए। उक्त महानुभावों की अनुपस्थिति में यह सम्मान उनके परिजनों द्वारा प्राप्त किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उत्सव मना रहे हैं, यह क्षण हमारे लिए खुशी और आत्म-गौरव के पल हैं। राज्यपाल ने सभी अमर शहीदों, आंदोलनकारियों और जन नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान और संघर्ष से यह राज्य अस्तित्व में आया। राज्यपाल ने कहा कि जैसे स्वदेशी के मंत्र से देश की आजादी को बल मिला, वैसे ही स्वदेशी के मंत्र से देश की समृद्धि भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने आह्वान किया कि हम वही वस्तुएँ खदीदें जो मेड इन इंडिया हों, जिनमें हमारे युवाओं का श्रम और परिश्रम निहित हो, यही आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा मंत्र है।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों का सफर उत्तराखण्ड के सतत परिश्रम और प्रगति की कहानी है। राज्य की स्थापना के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, उद्योग, विज्ञान, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड चार धाम यात्रा से आगे बढ़कर वैश्विक वेलनेस डेस्टिनेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, शूटिंग डेस्टिनेशन, योग और आयुर्वेद डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। सैकड़ों युवा अपने गाँव लौटकर आत्मनिर्भरता और स्वावलम्बन का नया अध्याय लिख रहे हैं।




