उत्तराखंड

राज्यपाल ने किया सीमावर्ती गांव गुंजी, नाबीढांग, कुटी और ज्योलिकोंग का दौरान

नैनीताल/पिथौरागढ़। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) शनिवार को जनपद पिथौरागढ़ के दूरस्थ और सीमावर्ती गांव गुंजी, नाबीढांग, कुटी और ज्योलिकोंग के दौरे पर रहे। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण इन क्षेत्रों का भ्रमण कर राज्यपाल ने यहां रह रहे लोगों सहित सेना, आईटीबीपी, एसएसबी और बीआरओ के जवानों से मुलाकात की। राज्यपाल ने यहां पर सुरक्षाबलों के जवानों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा जवानों का हौसला बढ़ाया।राज्यपाल ने कहा कि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में हमारे जवानों द्वारा निःस्वार्थ सेवाभाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया जा रहा है। उनके कारण हम और हमारा देश सुरक्षित है। इन जवानों के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा पर प्रत्येक देशवासी को गर्व है। उन्होंने जवानों से उनकी समस्याओं तथा चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की। इस दौरान राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों से रूबरू हुए। गुंजी के ग्रामीणों ने राज्यपाल को विभिन्न मांगो से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने समस्याओं के हर संभव समाधान का आश्वासन दिया। राज्यपाल ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण तथा स्थानीय आबादी का निवास सामरिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के साथ-साथ आवश्यक सुविधाओं के विकास से पलायन रूकेगा तथा रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिलेगा।राज्यपाल ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि गांवों को सुरक्षित रखे बिना हम अपनी सीमाओं को सुरक्षित नहीं रख सकते। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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