उत्तराखंड

रक्षाबंधन पर इंसानियत की मिसाल, जिसे दुनिया ने कहा ‘पागल’, उससे जोड़ा रिश्ता

रक्षाबंधन पर इंसानियत की मिसाल, जिसे दुनिया ने कहा ‘पागल’, उससे जोड़ा रिश्ता

Date/28/08/2026

Ramnagar/Uttarakhand prime 24×7 

रामनगर।समाज को इंसानियत का असली मतलब समझा जाते हैं। आज रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रामनगर में ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों को कुछ पल के लिए ठहरकर सोचने पर मजबूर कर दिया।

रामनगर के आमडंडा से लेकर लखनपुर और आसपास के इलाकों में अक्सर दिखाई देने वाली मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को लोग आमतौर पर पागल कहकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार लोग उससे दूरी बनाकर निकल जाते हैं, लेकिन समाजसेवी मुकेश सुयाल की नजर में यह महिला किसी उपेक्षा की पात्र नहीं, बल्कि सम्मान और अपनत्व की हकदार है।

आज रक्षाबंधन के दिन जब मुकेश सुयाल महिला के सामने पहुंचे तो महिला ने उन्हें पहचानते हुए रोक लिया। दोनों के बीच बातचीत और अपनत्व का ऐसा भाव नजर आया, जिसने आसपास मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसके बाद महिला ने मुकेश सुयाल की कलाई पर राखी बांधी। मुकेश ने भी इस रिश्ते को पूरी आत्मीयता के साथ स्वीकार किया। यह दृश्य इसलिए खास था क्योंकि यहां न कोई औपचारिक रिश्ता था और न ही खून का संबंध, फिर भी भाई-बहन के इस रिश्ते में अपनापन और भावनाओं की गहराई साफ दिखाई दे रही थी।

मुकेश सुयाल का कहना है कि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति उसके सम्मान और इंसानी अधिकारों को कम नहीं करती। समाज में जरूरत इस बात की है कि हम ऐसे लोगों को दुत्कारने के बजाय उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आएं।

रक्षाबंधन के मौके पर सामने आया यह दृश्य समाज को एक बड़ा संदेश देता है। रिश्ते खून से नहीं, दिल से बनते हैं। किसी को ‘पागल’ कहकर उसकी इंसानियत को नजरअंदाज करना आसान है, लेकिन उसे बहन मानकर सम्मान देना ही सच्ची इंसानियत है। रामनगर में रक्षाबंधन के दिन बना यह रिश्ता शायद कुछ मिनटों का दृश्य था, लेकिन इसका संदेश लंबे समय तक लोगों के दिलों में बना रहेगा।

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