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यमुनोत्री धाम में भीड़ बढ़ने से धड़ाम हुआ क्राउड मैनेजमेंट

सवालों के घेरे में वन वे सिस्टम

Date/19/05/2026

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उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचते ही यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन में लापरवाही अब यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। धाम में बनाए गए वैकल्पिक वन-वे पैदल मार्ग का प्रभावी पालन नहीं होने से मंदिर परिसर, तप्तकुंड और पुल क्षेत्र में बार-बार जाम और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो रही है। श्रद्धालुओं को घंटों तक रुकना पड़ रहा है। कई बार हालात अफरा-तफरी जैसे बन जा रहे हैं।

स्थानीय पुरुषोत्तम उनियाल और यात्रा व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ी है। इसके अनुरूप व्यवस्थाओं में सख्ती नहीं दिखाई दे रही है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए हनुमान मंदिर होते हुए वैकल्पिक पैदल मार्ग बनाया था। जिससे आने और जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही अलग-अलग दिशा में बनी रहे, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन पूरी तरह नहीं कराया जा रहा है।

आरोप है कि कई श्रद्धालुओं को अब भी पुल वाले मुख्य मार्ग से मंदिर तक जाने दिया जा रहा है। खासतौर पर वीआईपी दर्शन और विशेष पहुंच के नाम पर कुछ लोगों को निर्धारित व्यवस्था से अलग रास्ते से ले जाया जा रहा है। इससे मुख्य मार्ग पर दबाव बढ़ रहा है। मंदिर क्षेत्र में बार-बार जाम लग रहा है। सबसे अधिक परेशानी तप्तकुंड और संकरे पुल क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यहां दोनों दिशाओं से भीड़ पहुंचने पर हालात बेकाबू हो जाते हैं।

स्थानीय व्यापारियों और यात्रा संचालन से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना आश्रम और कालिंदी आश्रम से होकर हनुमान मंदिर तक बनाए गए वन-वे पैदल मार्ग को सख्ती से लागू किया जाए। उनका कहना है कि यदि एक दिशा से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही सुनिश्चित की जाए तो मंदिर परिसर में अव्यवस्था और धक्का-मुक्की पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। यात्रियों का कहना है कि भारी भीड़ के बीच छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हो रही हैं। कई श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग भीड़ में फंसकर घबराहट का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उधर, बड़कोट के कोतवाल सुभाष चंद्र ने कहा मामले की जानकारी मिली है। व्यवस्थाओं की समीक्षा कर वन-वे पैदल मार्ग का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाई जाएगी।

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