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बुजुर्गों को होती है सम्मान, संवाद, अपनापन और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता

बुजुर्गों को होती है सम्मान, संवाद, अपनापन और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता

Date/15/06/2026

Mussoorie/Uttarakhand prime 24×7 

मसूरी। ऑल मसूरी सीनियर सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन ने विश्व वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न जनजागरूकता दिवस पर गोष्ठी आयोजित की जिसमें स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया व अपने विचार व्यक्त किए। गोष्ठी के अंत में विजेता छात्र छात्राओं को पुरस्कार दिए गये। विश्व वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न जनजागरूकता दिवस पर गांधी चैक स्थित गुरूद्वारा सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बोलते हुए एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र साहनी ने कहा कि 15 जून को विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस मनाया जाता है जो कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील सामाजिक विषय है। यह विषय केवल सामाजिक उत्तरदायित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक प्रतिबद्धता का भी प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार, उपेक्षा, शोषण एवं भेदभाव के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा उनके अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। किसी बुजुर्ग की भावनाओं की अनदेखी करना, उनकी आवश्यकताओं की उपेक्षा करना, उन्हें सामाजिक रूप से अलग-थलग करना, उनकी आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न करना अथवा उन्हें सम्मान और स्नेह से वंचित रखना भी दुर्व्यवहार के अंतर्गत आता है। हमें यह समझना चाहिए कि बुजुर्गों को केवल भौतिक सुविधाओं की ही आवश्यकता नहीं होती, बल्कि उन्हें सम्मान, संवाद, अपनापन और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। इस मौके पर जीके गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव बुजुर्गों को सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि माता-पिता देवतुल्य हैं और उनका सम्मान करना हमारा नैतिक एवं सांस्कृतिक दायित्व है। विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस हमें आत्मचिंतन का अवसर प्रदान करता है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम अपने व्यवहार और दृष्टिकोण का मूल्यांकन करें तथा यह सुनिश्चित करें कि हमारे परिवार और समाज में प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान, सुरक्षा, स्नेह और गरिमा प्राप्त हो। इस मौके पर आहवान किया गया कि हम सभी यह संकल्प लें कि हम अपने बुजुर्गों का सदैव सम्मान करेंगे। उनके साथ नियमित रूप से समय व्यतीत करेंगे व उनकी भावनाओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग किसी परिवार का बोझ नहीं, बल्कि उसकी अमूल्य विरासत, अनुभव और ज्ञान के आधार स्तंभ होते हैं। इस मौके पर छात्र छात्राओं सहित शिक्षिकाओं ने भी वरिष्ठ नागरिकों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक प्रताड़ना विषय पर भाषण देने वाली छात्राओं में पायल नेगी शिशु मंदिर को पहला, खुशबू मसूरी गर्ल्स को दूसरा व सुल्ताना सनातन धर्म गर्ल्स इंटर कालेज को तीसरा स्थान हासिल किया व उन्हें पुरस्कार वितरित किए गये। इस मौके पर ऑल मसूरी सीनियर सिटीजन वैलफेयर एसोसिएशन के महासचिव नरेंद्र साहनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हर्षदा वोहरा, जीके गुप्ता, रमेश गोयल, केएस सेठी, दर्शन कामरा, सविंदर कौर सेठी, रितु रतूडी, दुर्गा कैंतुरा, नीलम झिल्डियाल, संगीता सहित महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, सनातन धर्म गर्ल्स इंअर कालेज व मसूरी गर्ल्स इंटर कालेज की छात्राएं व छात्र मौजूद रहे।

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