बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर 200 मीटर गहरी खाई में समाया वाहन
तीन लोग घायल, महिला की हालत गंभीर

Date/19/06/2026
Rudraprayag/ Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के विकासखंड जखोली क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर एक वाहन अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के खाई में गिरते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में वाहन सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियां तत्काल हरकत में आ गईं और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार प्रातः 10रू19 बजे पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए डीडीआरएफ की रेस्क्यू टीम, तहसील जखोली के अधिकारियों, पुलिस बल तथा 108 एम्बुलेंस सेवा को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया। दुर्घटना स्थल की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, क्योंकि वाहन गहरी खाई में जा गिरा था। इसके बावजूद राहत एवं बचाव दल ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि चैकी जखोली से प्राप्त सूचना के अनुसार रेस्क्यू टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच खाई में उतरकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। गंभीर रूप से घायल महिला की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।
दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की पहचान राजीव कुमार (46 वर्ष) पुत्र मोहन लाल निवासी ललूड़ी, जखोली (वाहन चालक), गजेन्द्र (40 वर्ष) पुत्र विक्रम सिंह निवासी काण्डई, मयाली तथा छुम्मा देवी (55 वर्ष) पत्नी धनी राम निवासी ऐकलिंग बुढना के रूप में हुई है। इनमें छुम्मा देवी को गंभीर चोटें आई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरा। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग किया। ग्रामीणों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे संभावित बड़ी जनहानि टल गई।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि तकनीकी एवं अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
यह दुर्घटना एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना संभावित मोटर मार्गों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने, पैराफिट एवं क्रैश बैरियर लगाने तथा नियमित निगरानी की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।




