नशे की सौदागर बनी ज्योति: आर्थिक तंगी ने सताया तो कोई रास्ता नजर न आया धंधे में उतरी तो बन गई हिस्ट्रीशीटर – Uttarakhand Prime 24X7

नशे की सौदागर बनी ज्योति: आर्थिक तंगी ने सताया तो कोई रास्ता नजर न आया धंधे में उतरी तो बन गई हिस्ट्रीशीटर

Haridwar, Uttrakhandprime24x7

हरिद्वार। कई वर्षों में पुलिस ने 12 से अधिक बार गिरफ्तारी कीनशे की सौदागर बनी ज्योति: आर्थिक तंगी ने । तीन बार गुंडा एक्ट में भी शिकंजा कसा, लेकिन ज्योति ने धंधा बंद नहीं किया। हरिद्वार में शराब नशे की सौदागर बनी ज्योति: आर्थिक तंगी ने तस्करी के मामलों में पुलिस पुरुष आरोपियों को लगातार गिरफ्तार करती रहती है, जबकि तस्करी में लिप्त महिलाओं की संख्या कम ही रहती है। लेकिन कनखल थाना क्षेत्र में पुलिस के हत्थे चढ़ी महिला शराब तस्कर पिछले करीब सात साल से शराब तस्करी कर रही है।इन वर्षों में पुलिस ने 12 से अधिक बार गिरफ्तारी की। तीन बार गुंडा एक्ट में भी शिकंजा कसा, लेकिन धंधा बंद नहीं किया। एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर बीते दिसंबर माह में हिस्ट्रीशीट खोली गई।पुलिस के अनुसार, महिला शराब तस्कर ज्योति का पति राजू टैंपू ट्रैवलर गाड़ी चलाता था। उसने आर्थिक तंगी के चलते अवैध शराब का धंधा शुरू कर दिया। 2013 में दुर्घटना में सिर में चोट आने के बाद काम करने में असमर्थ हो गया।

इसके बाद ज्योति शराब के धंधे में पति का साथ देने लगी। उसने खुद भी शराब की तस्करी शुरू कर दी। दोनों को पुलिस ने कई बार पकड़ा, लेकिन इसके बाद भी धंधे को बंद नहीं किया। पिछले करीब सात साल से लगातार शराब तस्करी कर रही है। वर्ष 2017 में पहली बार पुलिस ने गिरफ्तार किया और आबकारी अधिनियम में केस दर्ज किया। अब तक 12 से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। तीन बार गुंडा एक्ट और दो बार 110 जी की कार्रवाई की गई, लेकिन नशे का कारोबार नहीं छोड़ा। एसएसपी अजय सिंह के चार्ज संभालने के बाद नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया। तब 16 दिसंबर 2022 को ज्योति की हिस्ट्रीशीट खोली गई। उसका पति राजू आजकल बीमार चल रहा है। चार बच्चे हैं।

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