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नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

नशे से दूर रहकर सकारात्मक एवं रचनात्मक जीवन का करें चयनः डीएम

Date/22/09/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग देहरादून एवं यूपीईएस के संयुक्त तत्वावधान में यू०पी०ई०एस० कैंपस, बिधोली, प्रेमनगर, देहरादून में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के पास अपने जीवन में कुछ समय और अवसर होते हैं, ऐसे में यह स्वयं तय करना आवश्यक है कि वह अपने जीवन में क्या चुनता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने भविष्य के लिए सकारात्मक, रचनात्मक एवं स्वस्थ विकल्पों का चयन करें और नशे से पूरी तरह दूर रहें।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की गिरफ्त में आने वाला व्यक्ति केवल स्वयं को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसका प्रभाव उसके परिवार और व्यापक रूप से समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का नशा एक प्रकार का ‘डोपामेन ट्रैप’ बन सकता है, जिसमें व्यक्ति एक बार फंसने के बाद धीरे-धीरे इसकी गिरफ्त में उलझता चला जाता है। इससे बचने के लिए स्वयं का विश्लेषण, आत्म-अनुशासन और स्वयं पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज से नशे जैसी गंभीर समस्या को दूर करने के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी एवं निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। सरकार, शासन, प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों तथा आम नागरिकों को मिलकर इस दिशा में योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि युवा विशेष रूप से नशे के सौदागरों के निशाने पर होते हैं। ऐसे में युवाओं को जागरूक करना और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए जनपद के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने प्रभावी कहानी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक समस्या को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह््वान किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान एवं विशेष अतिथि ललित जोशी ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, नशे से होने वाली सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं तथा नशा छोड़ने एवं दूसरों को भी नशे से बचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने मित्रों, परिवारजनों एवं आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान का सक्रिय सहभागी बनाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान, विशेष अतिथि ललित जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रोहित गोंडवाल, डॉ. प्रदीप राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, यूपीईएस डॉ0 दीपा मेहरा रावत, डॉ0 रोहित रस्तोगी, यूपीईएस के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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