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नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारीः डा. वीरेंद्र कुमार

देशभर में ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ की गतिविधियों में 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने किया प्रतिभाग

Date/26/06/2026

Haridwar/Uttarakhand prime 24×7 

हरिद्वार/देहरादून। देश भर में आयोजित नशा मुक्त भारत सप्ताह का समापन शुक्रवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ। नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान के राष्ट्रीय विषय (थीम) के तहत आयोजित इस अभियान में देश भर के 1.31 करोड़ से अधिक नागरिकों ने जन-भागीदारी और जागरूकता गतिविधियों की एक विशाल श्रृंखला के माध्यम से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हरिद्वार में आयोजित इस समापन राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति (प्रॉ-वाइस चांसलर) डॉ. चिन्मय पंड्या, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधियों और अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में, केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने हरिद्वार में एक विशाल श्नशा मुक्त रैलीश् का नेतृत्व किया, जिसमें लगभग 4,000 नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ एक एकजुट मोर्चा प्रदर्शित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने श्नशा मुक्ति की शपथश् और श्गरिमापूर्ण वृद्धावस्था की शपथश् (एजिंग विद डिग्निटी प्लेज) दिलाई, जो एक नशा मुक्त, स्वस्थ समाज के निर्माण और वरिष्ठ नागरिकों की समावेशी देखभाल सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की दोहरी प्रतिबद्धता को दोहराती है।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने जनता से मिली इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह की शानदार सफलता नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए भारत सरकार के ष्संपूर्ण-सरकार और संपूर्ण-समाजष् के दृष्टिकोण के प्रति दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है। उन्होंने कहा कि जब हम विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प की ओर अग्रसर हैं, तब नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। नशामुक्त भारत केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक जनआंदोलन है, जिसमें सरकार, समाज, परिवार, शिक्षण संस्थान और युवा शक्ति सभी की समान भागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच आधिकारिक तौर पर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जो इस कार्यक्रम का एक बड़ा मील का पत्थर रहा। नशा मुक्त भारत अभियान और अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत हुई इस साझेदारी से देश भर में जमीनी स्तर पर जागरूकता, नशीली दवाओं की मांग में कमी (ड्रग डिमांड रिडक्शन), सामुदायिक गतिशीलता और श्गरिमापूर्ण वृद्धावस्थाश् के संदेश के साथ वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत ढांचे को मजबूती मिलेगी।

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