
Date/13/07/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। राजधानी देहरादून के सुनियोजित और दीर्घकालिक विकास की आधारशिला मानी जा रही देहरादून महायोजना-2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान के छठे दिन भी लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोमवार को लक्सूरिया फार्म हाउस, किशनपुर, कैनाल रोड में आयोजित जनसुनवाई शिविर में रायपुर क्षेत्र सहित सेक्टर-06 के नागरिकों, भू-स्वामियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। जनसुनवाई शिविर के दौरान लगभग 100 लोगों ने महायोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। लोगों ने सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक प्रबंधन, जल निकासी व्यवस्था, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, पार्किंग व्यवस्था, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों के संतुलन तथा भविष्य की शहरी आवश्यकताओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एमडीडीए की टीम ने सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुनते हुए उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया। जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित प्राधिकरण के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने खुलकर अपने विचार रखे और शहर के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
रायपुर क्षेत्र के विकास मुद्दों पर विधायक ने रखी विस्तृत बात
जनसुनवाई शिविर में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे। उन्होंने देहरादून महायोजना-2041 को लेकर अपने विचार विस्तार से रखे और रायपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता द्वारा समय-समय पर उठाए गए विकास संबंधी मुद्दों और अपेक्षाओं से भी एमडीडीए अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते देहरादून में विकास योजनाओं का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। रायपुर क्षेत्र में यातायात, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित शहरी विकास से जुड़े मुद्दों को महायोजना में प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से तैयार होने वाली योजना ही भविष्य में प्रभावी और सफल साबित होगी।
जनभागीदारी से तैयार होगा देहरादून का विजन डॉक्यूमेंट
एमडीडीए अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि देहरादून महायोजना-2041 केवल भूमि उपयोग का दस्तावेज नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में राजधानी के विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधारभूत ढांचे के विस्तार और नागरिक सुविधाओं की समग्र रूपरेखा है। यही कारण है कि योजना को अंतिम स्वरूप देने से पहले प्रत्येक सेक्टर में जाकर नागरिकों के सुझाव लिए जा रहे हैं। प्राधिकरण का मानना है कि हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट चुनौतियां और संभावनाएं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर से प्राप्त सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, संतुलित और जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उन्हें योजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।




