
Date/23/09/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। लेखक गाँव स्पर्श हिमालय प्रकाशन की पहली पुस्तक पर्यटन में सामुदायिक सहभागिताः एक मार्गदर्शिका प्रकाशित हो गई है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा प्रकाशित इस शोधपरक पुस्तक की प्रथम प्रति लेखक गाँव के प्रकाशन अधिकारी हरेन्द्र नेगी ‘तेजांश’ ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को भेंट की। पुस्तक की प्रथम प्रति प्राप्त करते हुए डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने पुस्तक के लेखक, मार्गदर्शकों एवं लेखक गाँव परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि लेखक गाँव की परिकल्पना केवल साहित्य और सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, शोध, संस्कृति, दर्शन, प्रकृति, हिमालय और पर्यटन जैसे विषयों से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री को समाज तक पहुँचाना भी इसका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि लेखक गाँव द्वारा साहित्य, संस्कृति, दर्शन, पर्यटन एवं शोध जैसे विषयों पर शोधपरक और ज्ञानवर्धक पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा, ताकि इन विषयों से जुड़ी उपयोगी सामग्री समाज और पाठकों तक पहुँच सके।
उन्होंने कहा कि हिमालय, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन लेखक गाँव की प्रकाशन यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। पुस्तक के लेखक डॉ. कुलदीप वर्मा हैं। इसके मार्गदर्शकों में प्रो. आर. के. ढोड़ी, प्रोफेसर एवं केंद्राध्यक्ष, पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्रय प्रो. रश्मि ढोड़ी, प्रोफेसर एवं डीनय डॉ. सर्वेश उनियाल, परियोजना अधिकारी शामिल हैं। पुस्तक में पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी, ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण तथा हिमालयी क्षेत्रों में जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन विकास को व्यावहारिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक को खंड एवं जिला अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, पर्यटन विभाग से जुड़े अधिकारियों तथा क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है।
पुस्तक के लेखक डॉ. कुलदीप वर्मा का शोध कार्य गढ़वाल हिमालय में सामुदायिक सहभागिता पर केंद्रित रहा है। वहीं पुस्तक के मार्गदर्शक प्रो. आर. के. ढोड़ी एवं प्रो. रश्मि ढोड़ी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, सतत पर्यटन विकास तथा महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पर कार्य कर रहे हैं। डॉ. सर्वेश उनियाल हिमालयी एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा ‘सैर सलीका’ (ज्तंअमस डंददमते) पहल के संस्थापक हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा लेखक गाँवदृस्पर्श हिमालय प्रकाशन की यह पहली पुस्तक है और इसके साथ-साथ साहित्य, संस्कृति, प्रकृति, दर्शन, हिमालय, पर्यटन, भारतीय ज्ञान परंपरा पर शोधपरक एवं गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों के प्रकाशन की यात्रा प्रारंभ हो गई है। इस अवसर पर लेखक गांव के निदेशक विदुषी निशंक, शिक्षाविद् डॉ राजेश नैथानी, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के सचिव बालकृष्ण चमोली, डॉ विद्या जोशी सहित लेखक गांव परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।




