उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न – Uttarakhand Prime 24X7

उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न

Date/27/03/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 का भव्य समापन देहरादून के परेड ग्राउंड में शानदार सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें राज्य की समृद्ध जनजातीय विरासत की झलक देखने को मिली। समापन समारोह में प्रसिद्ध लोक कलाकार विवेक नौटियाल, सनी दयाल और ललित गित्यार की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई) उत्तराखण्ड के निदेशक एस.एस. टोलिया रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “इस वर्ष के महोत्सव को मिला उत्साहजनक प्रतिसाद हमारी जनजातीय परंपराओं और शिल्पकला के प्रति बढ़ती सराहना को दर्शाता है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि हमारे समुदायों को व्यापक मंच और अवसर प्रदान कर उन्हें सशक्त भी बनाते हैं।”

तीन दिवसीय इस महोत्सव का आयोजन राज्य जनजातीय शोध संस्थान (टीआरआई) उत्तराखण्ड द्वारा किया गया, जो जनजातीय समुदायों की विविध परंपराओं, कला रूपों और शिल्पकला को प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच बना। महोत्सव में उत्तराखण्ड के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड सहित कई राज्यों के प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन संस्कृति और रचनात्मकता का संगम बन गया।

समापन संध्या उत्साह और सांस्कृतिक ऊर्जा से भरपूर रही, जहां विवेक नौटियाल ने ‘द्यो लागी’ और ‘उड़िजा चाखुली’ जैसे लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं सनी दयाल ने ‘बिदरू’ और ‘लम्बो तेरो घाघरो’ जैसे गीतों से माहौल को और भी जीवंत बना दिया, जिससे दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम का समापन ललित गित्यार की मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने महोत्सव को यादगार बना दिया।

पूरे दिन आयोजन स्थल पर चहल-पहल बनी रही, जहां पारंपरिक जनजातीय नृत्य प्रस्तुतियां, रंग-बिरंगी हस्तशिल्प प्रदर्शनियां और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और शिल्पकारों ने अपनी अनूठी सांस्कृतिक पहचान प्रस्तुत कर महोत्सव को एक समृद्ध और जीवंत अनुभव बना दिया। आभार व्यक्त करते हुए टीआरआई उत्तराखंड के समन्वयक राजीव कुमार सोलंकी ने कहा, “पिछले तीन दिनों में हमने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कलात्मक अभिव्यक्तियों की अद्भुत विविधता देखी है। मैं सभी प्रतिभागी कलाकारों, शिल्पकारों और आगंतुकों का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस महोत्सव को इतना भव्य और सफल बनाया।” इस अवसर पर टीआरआई उत्तराखण्ड के निदेशक एस.एस. टोलिया, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के ओएसडी के.के. मदान, वित्त अधिकारी, उत्तराखंड सरकार, प्रवीन बडोनी, उत्तराखण्ड जनजातीय आयोग की अध्यक्ष लीलावती राणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे।

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