
Date/17/04/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। देहरादून शहर के यातायात को सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से प्रतीक्षित आढ़त बाजार तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में तेजी आई है और इससे जुड़े प्रभावितों को मुआवजा एवं पुनर्वास की प्रक्रिया भी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा मुख्यमंत्री के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाया जा रहा है। परियोजना के तहत प्रभावित होने वाली कुल 410 संपत्तियों में से अब तक 52 संपत्ति धारकों को लगभग 21 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मुआवजा प्राप्त करने के बाद इन संपत्ति धारकों ने अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के नाम कर दी है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि प्रभावितों के विश्वास को भी मजबूत कर रही है। कई प्रभावितों ने अपनी संपत्तियों के हिस्सों को हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है, जिससे परियोजना को गति मिल रही है।
34 संपत्ति धारकों की जल्द होगी रजिस्ट्री
एमडीडीए द्वारा शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज सही हैं उनकी प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्री की जा रही है। ऐसे ही 34 संपत्ति धारकों के दस्तावेजों का परीक्षण कर लिया गया है। जिनकी रजिस्ट्री की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबधित अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा प्रदान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी प्रभावित को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्राधिकरण का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
नवीन आढ़त बाजार का निर्माण अंतिम चरण में
परियोजना के तहत बनाए जा रहे नवीन आढ़त बाजार में विकास कार्य तेजी से चल रहा है। यहां लगभग 95 प्रतिशत तक पार्किंग व्यवस्था तैयार हो चुकी है, जबकि अन्य विकास कार्य 80 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। शेष कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह नया आढ़त बाजार न केवल व्यापारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि शहर के भीतर यातायात के दबाव को भी कम करेगा।




