Date/20/10/2026
Mussoorie/ Uttarakhand prime 24×7
मसूरी। लाइब्रेरी क्षेत्र स्थित होटल पैराडाइज मेंशन के कर्मचारियों का धरना लगातार जारी है। 13 अक्टूबर से शुरू हुआ आंदोलन 20 अक्टूबर तक भी समाप्त नहीं हो पाया है। कर्मचारियों ने होटल प्रबंधन पर वेतन, बोनस, भविष्य निधि (पीएफ) और ग्रेच्युटी सहित अन्य देय सुविधाओं का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि अपने अधिकारों की मांग उठाने पर बाहर से बाउंसर बुलाकर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। मामले को लेकर शहर के विभिन्न मजदूर संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों को समर्थन देना शुरू कर दिया है।
कर्मचारियों के अनुसार, होटल को बिना उनकी जानकारी दिए लीज पर दे दिया गया। इसके बाद होटल के मुख्य द्वार, रसोईघर और कर्मचारियों के कमरों पर ताले लगा दिए गए। कर्मचारियों का आरोप है कि उनका वेतन और अन्य बकाया भुगतान किए बिना ही यह कदम उठाया गया, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आंदोलन में शामिल कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी भी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि होटल को लीज पर देने से पहले कर्मचारियों के वेतन और अन्य देय सुविधाओं का भुगतान किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार, कर्मचारियों को बिना जानकारी दिए होटल लीज पर दिया गया और वेतन, भविष्य निधि तथा बोनस जैसी सुविधाएं नहीं दी गईं। इससे लगभग 25 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
मजदूर नेता आरपी बडोनी ने कहा कि कर्मचारी 13 अक्टूबर से धरना दे रहे हैं। उनके अनुसार, 18 अक्टूबर को होटल लीज पर दिए जाने के बाद कुछ लोगों ने होटल में तालाबंदी कर दी। उन्होंने श्रम कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और होटल में तालाबंदी की वैधानिक प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। इस संबंध में श्रम विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।