हनुमान जी ने उजाड़ी अशोक वाटिका, लंका दहन से गूंजा रामलीला पंडाल – Uttarakhand Prime 24X7

हनुमान जी ने उजाड़ी अशोक वाटिका, लंका दहन से गूंजा रामलीला पंडाल

Date/16/10/2026

Vikashnagar/Uttarakhand prime 24×7 

विकासनगर। सरस्वती कला मंच की रामलीला में हनुमान जी के लंका प्रवेश, अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध, मेघनाथ-हनुमान संवाद, रावण-हनुमान संवाद तथा लंका दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को रामकथा के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया। लीला के प्रथम दृश्य में भगवान श्रीराम सुग्रीव से माता सीता की खोज के लिए आवश्यक व्यवस्था करने को कहते हैं। इस पर सुग्रीव हनुमान जी को दायित्व सौंपते हुए पूरी वानर सेना को एक माह के भीतर माता सीता का पता लगाने का निर्देश देते हैं। इसके बाद हनुमान जी, अंगद, नल, नील और जामवंत सहित वानर सेना सीता की खोज में निकल पड़ती है।

खोज करते हुए हनुमान जी लंका पहुंचते हैं, जहां उनकी मुलाकात भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त विभीषण से होती है। विभीषण उन्हें बताते हैं कि रावण ने माता सीता को अशोक वाटिका में रखा है और वहां कड़ा पहरा लगा हुआ है। इसके बाद हनुमान जी अशोक वाटिका पहुंचकर छिप जाते हैं और उचित अवसर देखकर माता सीता के सामने प्रकट होते हैं। वह उन्हें भगवान श्रीराम का संदेश देते हुए उनकी मुद्रिका सौंपते हैं। श्रीराम की मुद्रिका देखकर माता सीता प्रसन्न हो जाती हैं और उन्हें अपने प्रभु का समाचार मिलता है।

इसके बाद हनुमान जी माता सीता की अनुमति लेकर अशोक वाटिका के फल खाते हैं और वाटिका को तहस-नहस कर देते हैं। इसकी सूचना मिलने पर रावण अपने पुत्र अक्षय कुमार को हनुमान जी से मुकाबला करने के लिए भेजता है, लेकिन हनुमान जी उसका वध कर देते हैं। इसके बाद मेघनाथ हनुमान जी को ब्रह्मपाश में बांधकर रावण के दरबार में ले जाता है।

रावण और हनुमान जी के बीच तीखा संवाद होता है। रावण हनुमान जी को दंड देने का आदेश देता है, लेकिन विभीषण सेवक की हत्या को अनुचित बताते हुए उनकी पूंछ में आग लगाने का सुझाव देते हैं। राक्षसों द्वारा पूंछ में आग लगाए जाने पर हनुमान जी उसी अग्नि से सोने की लंका को जला देते हैं। इसके बाद समुद्र में पूंछ की आग बुझाकर वह भगवान श्रीराम के पास लौट जाते हैं। इसी के साथ लीला का विश्राम हुआ।

कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धीरज बॉबी नौटियाल मुख्य अतिथि तथा डॉ. सुभाष चंदेल और धीरेंद्र थंडियाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर नवनीत वर्मा, विकास शर्मा, प्रदीप ठाकुर, रविंद्र सैनी, राकेश गुलरिया, अनिल गोयल, राहुल मित्तल, नोनी राणा, सियाराम पटेल, संजीव भारद्वाज, संजीव, कनिष्क, राजीव, मनोज, संजय धीमान, संजय कुमार, राजेंद्र, नीरज ग्रोवर, चंद्रकला, महिपाल, पूरन चंदोला, सतपाल राठौर और गोपाल गुप्ता सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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