
Date/09/09/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी बनकर जीवित रहने का संदेश देते हुए श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एसएमआई आई बैंक, देहरादून द्वारा 41वें नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर विशेष जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना तथा नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं एवं उनके परिवारों के अमूल्य योगदान को सम्मान देना रहा।
बुधवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल एसएमआई आई बैंक की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नेत्रदान करने वाले दिवंगत दाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के उन नर्सिंग स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया, जो अस्पताल में मृत्यु की सूचना समय पर नेत्र बैंक तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके सक्रिय सहयोग से संभावित नेत्रदाताओं की पहचान तथा निर्धारित समय में कॉर्निया संग्रह संभव हो पाता है।
कार्यक्रम में एसएमआई आई बैंक की निदेशक प्रो. डॉ. तरन्नुम शकील ने नेत्रदान के महत्व पर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय एवं पुनीत कार्य के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नेत्रदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में उजाले की नई शुरुआत है। नेत्रदाताओं और उनके परिवारों का यह योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है और जन-जागरूकता के माध्यम से नेत्रदान के इस पुनीत अभियान को और व्यापक बनाया जा सकता है।




