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राहुल, युवाओं के सम्मुख सनातन की नकारत्मक छवि गढ़ना चाहतेः भट्ट

वर्ग विशेष को खुश करने के लिए राहुल द्वारा सनातन अपमान अक्षम्य

Date/25/08/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। भाजपा ने मनु स्मृति पर राहुल के बयानों को भावी पीढ़ी के सामने सनातन की नकारत्मक छवि गढ़ने की कोशिश बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने तंज कसा कि कांग्रेसी युवराज जन्म और कर्म किसी भी तरह से हिंदू नहीं हैं, उसपर वे वर्ग विशेष को खुश करने के लिए वे सिर्फ सनातन के अपमान में लगे रहते हैं। सृष्टि के पहलें मानव धर्म शास्त्र को समझने में उन्हें कई जन्म भी कम पड़ने वाले हैं।

उन्होंने मीडिया में जारी प्रतिक्रिया में आक्रोश व्यक्त करते हुए। कहा कि राहुल और कांग्रेस लगातार सिर्फ हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति को ही निशाना बनाती है। वो प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारते है, उनके जन्मस्थान पर मंदिर बनने का विरोध करती है, उनके नेता और सहयोगी सनातन धर्म को कोरोना, डेंगू और सांप से खतरनाक बताते हैं। लेकिन ऐसे लाख प्रपंचों के बाद भी जनता ने कांग्रेस पार्टी को स्वीकारा नहीं और उनके सनातन विरोधी पापों की सजा हर चुनाव में दी है। लेकिन लगता है राहुल गांधी और कांग्रेस ने सबक नहीं लिया और इस बार देश की युवा पीढ़ी को सनातन धर्म को लेकर बरगलाने लगी है। जैसा उन्होंने पुणे के अपने छात्र संवाद कार्यक्रम में आपत्तिजनक टिप्पणियां हिंदू धर्म ग्रंथों और संस्कृति पर की।

उन्होंने पलटवार कर कहा कि लगता है वे भारत की परंपरा, विरासत और पूर्वजों का अपमान करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। उन्होंने कहा, प्राचीन भारतीय मूल्यों या मनु पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी से पहले, उन्हें वेदों और पुराणों का अध्ययन करना चाहिए। हालांकि जिस तरह की उनकी योग्यता और ज्ञान नजर आता है, उसको देखते हुए उन्हें सनातन पर प्रतिक्रिया के लिए कई जन्म लेने पड़ सकते हैं।

वहीं गंभीर सवाल उठाया कि राहुल गांधी केवल हिंदू ग्रंथों पर ही बार-बार हमला क्यों करते हैं, जबकि अन्य धर्मों के मामलों में ऐसा रुख नहीं अपनाते। उन्हें तीन तलाक नहीं दिखता, हलाला से दिक्कत नहीं होती, चार चार पत्नी का हक गलत नहीं लगता, हिजाब एवं बुर्के में रूढ़िवादिता नहीं नजर आती है, कुरान ठीक, बाईबल भी सही। अफसोस उन्हें सारी बुराइयों हिन्दू धर्म, संस्कृति और ग्रंथों में नजर आती है क्योंकि उन्हें हिंदू धर्म को बदनाम करने का बहाना चाहिए ताकि वर्ग विशेष का उनका वोट बैंक खुश हो।उन्होंने दावा किया कि राहुल कांग्रेस का यह राजनीतिक प्रोपेगेंडा सफल नहीं होगा और सभी सनातनी, संस्कृतिक एवं राष्ट्रवादी शक्तियां लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें करारा जवाब देंगी। जिसका सबसे ताजा और बड़ा परिणाम कांग्रेस पार्टी को देवभूमि की जनता 27 के चुनावों में पूरी तरह नकार कर देगी।

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