
Date/16/06/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। पत्र सूचना कार्यालय, देहरादून, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ऋषिकेश के रेल विकास निगम सभागार में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे ऋषिकेश के मेयर शम्भू पासवान रहे। मुख्य अतिथि श्री पासवान ने लोक सेवा ही संकल्प- 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के विषय पर केंद्रित 5 पुस्तिकाओं का अनावरण भी किया। इन पुस्तिकाओं में विकास भी विरासत भी, राष्ट्र प्रथम ही मन्त्र, राष्ट्र निर्माण ही मिशन, सशक्तिकरण ही सामर्थ्य और लोक सेवा ही संकल्प से सम्बंधित योजनाओं का विस्तृत विवरण किया गया है।
मेयर श्री पासवान ने बीते 12 वर्षों में भारत सरकार के आर्थिक विकास और पर्यावरण विरासत जैसे विषय पर केंद्रित योजनाओं के बारे में वार्ता में मौजदू पत्रकारों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देशों में बहुत सारी लाभकारी योजनाएं समाज में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रही है। जिनमें मुख्य रूप से लखपति दीदी, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान, आवास, किसान योजना प्रदेश के सुगम-दुर्गम इलाके की जनता तक सीधे पहुंच रही हैं। वहीं उत्तराखंड के लिए मुख्य रूप से ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाईन आदि विकास कार्य आज राज्य के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं।
वहीं रेल विकास निगम ऋषिकेश, कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट के डीजीएम ओमप्रकाश मालगुडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को दी गई सौगात रेल परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना विकास के रूप में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। उन्होंने बताया कि ये रेल प्रोजेक्ट आज अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेल प्रोजेक्ट के लिए आबादी और पर्यावरण को बिना प्रभावित किये तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 16 सुरंगों का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। जो पांच जिलों से होकर जा रही है। वहीं रेल सुरंगों से प्रभावित होने वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता पहुंचाई गई है। वहीं रेल विकास निगम के मुख्य भू-वैज्ञानिक विजय डंगवाल ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि हिमालय के अंदर बड़ी विविधता है, उसको ध्यान में रखकर ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट का एलाइनमेंट तैयार किया गया है। वहीं पर्यावरणीय दृष्टि से भी प्रोजेक्ट को तैयार किया गया है। जिसके लिए डिजिटल मैप भी बनाया गया है। वहीं उन्होंने महत्वपूर्ण रूप से जानकारी दी कि रेल प्रोजेक्ट के दौरान सुरंगों से निकलने वाले पानी को अमृत सरोवर प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे पर्यावरणीय दृष्टि जल संरक्षण भी किया जा सके।




