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लोक भवन नैनीताल में आयोजित ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का हुआ सम्मान

सैनिकों का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारीः राज्यपाल

Date/25/05/2026

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नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन, नैनीताल में सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘‘एक शाम सैनिकों के नाम’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने वीरता पदक विजेताओं, सराहनीय कार्य करने वाले पूर्व सैनिकों तथा अर्धसैनिक बलों के जवानों को सम्मानित करते हुए प्रशंसा पत्र प्रदान किए। अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि ‘‘एक शाम सैनिकों के नाम’’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सैनिकों के साहस, शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा को समर्पित सामूहिक श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जहां के सैनिकों ने सदैव देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, दृढ़ संकल्प और पेशेवर क्षमता का सशक्त उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि इस सैन्य अभियान में भारतीय सेनाओं ने असाधारण साहस, समन्वय और रणनीतिक दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा में हमारे सैनिकों की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है तथा उत्तराखण्ड के वीर जवानों का योगदान भी इसमें महत्वपूर्ण रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड का देश की सैन्य परंपरा में विशेष योगदान रहा है और यहां के युवाओं ने सेना, अर्धसैनिक बलों एवं रक्षा सेवाओं में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य के सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं सैनिक परिवारों का योगदान केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में अनुशासन, नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणास्रोत भी हैं। उन्होंने सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को ‘‘भूतपूर्व’’ नहीं बल्कि ‘‘अभूतपूर्व’’ बताते हुए कहा कि सैनिक जीवन व्यक्ति को केवल युद्धभूमि का योद्धा नहीं बनाता, बल्कि उसे आजीवन अनुशासन, आत्मसंयम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत करता है। उन्होंने कहा कि सैनिकों के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जीवन मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, जिससे राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिल सके। राज्यपाल ने सैनिक परिवारों, विशेषकर वीर माताओं और वीर नारियों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान में उनका योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने सैनिक परिवारों से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने तथा स्वयं सहायता समूहों जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रथम महिला गुरमीत कौर, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव उत्तराखण्ड सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, क्वार्टर मास्टर जनरल मुख्यालय उत्तर भारत बरेली उत्तर प्रदेश ब्रिगेडियर विनोद कुमार रौतेला, डिप्टी जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया देहरादून ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, कमांडेंट गढ़वाल राइफल रेजिमंटल सेंटर लैंसडाउन उत्तराखण्ड ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, कमांडेंट कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर रानीखेत ब्रिगेडियर विजयंत महादिक, निदेशक उत्तराखण्ड सैनिक कल्याण श्याम सिंह सहित बड़ी संख्या में वीर सैनिक, पूर्व सैनिक, उनके परिवारजन, सैन्य अधिकारीगण, एवं विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित थे।

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