
Date/10/02/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून के सज्जादे गद्दी नशीन पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का 26वां प्रकटोत्सव श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के पावन वातावरण में अत्यंत श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री महाराज जी को फोन कर प्रकटोत्सव की बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने श्री दरबार साहिब पहुंचकर श्री महाराज जी से आशीर्वाद लिया व उन्हें जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) की बधाई एवम् शुभकामनाएं दीं। देश विदेश सहित उत्तराखंड व पड़ोसी राज्यों से श्री दरबार साहिब पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से नतमस्तक होकर पूजनीय श्री महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया व उन्हें जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस शुभ और मंगल अवसर पर श्री दरबार साहिब में विशेष पूजा अर्चना आयोजित की गई व श्रद्धालुओं के मध्य प्रेम, सेवा और समर्पण भाव से प्रसाद वितरण किया गया।
गौरतलब है कि आज ही के दिन 10 फरवरी 2000 को ब्रह्मलीन पूजनीय श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज ने पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज को अपना शिष्य स्वीकार किया था तथा उन्होंने गुरु के सानिध्य में दीक्षा ली थी। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा की दिव्यता और आशीष का सजीव प्रतीक है। तभी से 10 फरवरी को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जन्मदिवस (प्रकटोत्सव) के रूप में भक्ति भाव से मनाया जाता है।
25 जून 2000 को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज, सज्जादानशीन के रूप में दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून (श्री दरबार साहिब) में गद्दी नशीन हुए थे, जिसने श्री दरबार साहिब की आध्यात्मिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर श्री महाराज जी कहा कि सेवाधर्म ही सबसे बड़ा धर्म है। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने करुणा और विनम्रता के भाव के साथ श्री गुरु राम राय जी महाराज का विशेष सिमरन करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ही श्री गुरु महाराज जी ने सूक्ष्म उपस्थिति में प्रेरणा दी है। उन्होंने संगतों को गुरु महिमा से भी आत्मसात करवाया और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अंधकार को हटाकर प्रकाश की ओर ले जाने वाला ही गुरु है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दूनवासियों, राज्य व देश की जनता व श्रद्धालुओं से सदैव भरपूर स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
श्री महाराज जी ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि समाज को नई व सही दिशा देने के साथ साथ उत्तराखंड के सुदूर व पहाड़ी क्षेत्रों तक गुणवत्तापरक शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एसजीआरआर मिशन पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ प्रतिबद्ध है। इस मिशन के अन्तर्गत श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल उत्तराखण्ड व निकटवर्ती राज्यों के गांव-गांव तक मानवीय संवेदना के साथ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। वहीं दूसरी ओर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय समाज के हर वर्ग तक उच्च शिक्षा पहुंचाने का निरंतर और सेवा भाव से प्रेरित कार्य कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि समाज के पिछड़े व कमजोर वर्ग के लोगों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए एसजीआरआर मिशन सदैव प्रयासरत रहेगा।




