होमस्टे और बीएनबी पर कार्रवाई से बढ़ी चिंता, संचालकों ने उठाई राहत की मांग – Uttarakhand Prime 24X7

होमस्टे और बीएनबी पर कार्रवाई से बढ़ी चिंता, संचालकों ने उठाई राहत की मांग

Date/14/10/2026

Mussoorie/ Uttarakhand prime 24×7 

मसूरी। मसूरी में आवासीय भवनों में संचालित होटलों, होमस्टे और बिस्तर एवं नाश्ता सुविधा (बीएनबी) इकाइयों के विरुद्ध मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से की जा रही चालान और सीलिंग की कार्रवाई को लेकर स्थानीय संचालकों में चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे पर होमस्टे और बीएनबी संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्रवाई से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए समाधान की मांग उठाई गई। न्यायालय की ओर से आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने पर चिंता जताए जाने के बाद प्राधिकरण ने निरीक्षण और जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। एमडीडीए की टीमें मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रही हैं और रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। मसूरी में 200 से अधिक प्रतिष्ठानों को जांच के दायरे में रखे जाने की बात सामने आई है। सर्वे के माध्यम से ऐसे भवनों की पहचान की जा रही है, जिन्हें आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृति मिली थी, लेकिन उनमें होटल, रेस्तरां, होमस्टे अथवा बीएनबी जैसी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

प्रशासन की कार्रवाई और नोटिस जारी किए जाने से छोटे होमस्टे एवं बीएनबी संचालकों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। कई स्थानीय परिवारों ने बैंक से ऋण लेकर अथवा अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर घरों को होमस्टे में परिवर्तित किया है। ऐसे में कार्रवाई से उनके स्वरोजगार और आजीविका पर संकट खड़ा होने की चिंता जताई जा रही है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि नियमों, भूमि उपयोग, अग्नि सुरक्षा और पंजीकरण संबंधी निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में संचालकों की मांग है कि कार्रवाई करते समय छोटे स्थानीय उद्यमियों की स्थिति और उनके सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा जाए।

बैठक में देवी गोदियाल ने कहा कि होमस्टे और बीएनबी इकाइयां आवासीय नियमों के अंतर्गत पंजीकृत हैं तथा उत्तराखंड सरकार की पर्यटन नीति के अनुसार संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों को संचालकों की समस्याओं से अवगत कराकर उचित समाधान निकाला जाना चाहिए।

भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि मसूरी में मास्टर प्लान और आवासीय एवं गैर आवासीय क्षेत्रों के स्पष्ट निर्धारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित इकाइयों को नियमों के दायरे में राहत देने तथा जहां नियमानुसार संभव हो, वहां शमन की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार किया जाना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि वह व्यापारियों के साथ खड़े हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही उप जिलाधिकारी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और मुख्य सचिव से मुलाकात की जाएगी। संचालकों ने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसा रास्ता निकालेंगे, जिससे नियमों का पालन भी सुनिश्चित हो और स्थानीय परिवारों के स्वरोजगार पर अनावश्यक संकट भी न आए। बैठक में सुनील रावत, बलवीर रावत, अनुपम नेगी, नवीन गोयल, मदन गुणसोला सहित कई होमस्टे और बीएनबी संचालक मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *