स्थायी नियुक्ति समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बाजीगर समाज की भूख हड़ताल शुरू
ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में धरने पर बैठे हक-हकूकधारी, वर्षों की सेवा के बावजूद उपेक्षा का लगाया आरोप

Date/08/08/2026
Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अंतर्गत वर्षों से विभिन्न धार्मिक एवं व्यवस्थागत दायित्वों का निर्वहन कर रहे हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के प्रतिनिधियों ने स्थायी नियुक्ति सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार से ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्षों तक मंदिर समिति की सेवा करने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति, सेवा सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक यात्रा सीजन एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है, लेकिन उनकी सेवाओं का न तो समुचित सम्मान किया गया और न ही उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि कई बार शासन, प्रशासन तथा बदरी-केदार मंदिर समिति के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, किंतु अब तक कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकला।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी पांच सूत्रीय मांगों पर लिखित एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। उनका कहना है कि हक-हकूकधारी व्यवस्था सदियों पुरानी परंपरा का अभिन्न अंग है और बाजीगर समाज ने लंबे समय से मंदिरों की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनके अधिकारों की सुरक्षा एवं रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित करना शासन और मंदिर समिति की जिम्मेदारी है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति, सेवा अवधि का विधिवत अभिलेखीकरण एवं वरिष्ठता का लाभ, वेतन-भत्तों तथा अन्य सेवा सुविधाओं का निर्धारण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाओं का लाभ तथा हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के पारंपरिक अधिकारों की विधिवत सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है। भूख हड़ताल की सूचना मिलने पर व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट तथा नामित सभासद चंद्रमोहन उखियाल आंदोलन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को अपना समर्थन दिया। राजीव भट्ट ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं बदरी-केदार मंदिर समिति की होगी। भूख हड़ताल पर वीरेन्द्र लाल, विजय लाल, राजू लाल, विजयपाल तथा सतेश्वरी देवी बैठे हैं।




