Date/28/10/2026
Rudraprayag/ Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के दूसरे दिन जनपद के चार विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के विरुद्ध बिना भय के आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशों तथा उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत न्यायिक अधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों और कानूनी सहायता की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है।
ख्रीस्त ज्योति एकेडमी, रैंतोली में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। पैनल अधिवक्ता प्यार सिंह नेगी ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 की जानकारी दी। बच्चों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान करने और किसी अनुचित व्यवहार की स्थिति में अभिभावकों, शिक्षकों या विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी देने के लिए जागरूक किया गया।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बेलनी में सिविल जज (जूनियर डिविजन) विकास कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसमें पैनल अधिवक्ता गोविंद प्रसाद मैखुरी एवं आरती ने विद्यार्थियों को बाल संरक्षण कानूनों और पॉक्सो अधिनियम के तहत उपलब्ध कानूनी सुरक्षा की जानकारी दी। उन्हें शोषण अथवा दुर्व्यवहार की स्थिति में चुप न रहने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अनूप नेगी मेमोरियल, रुद्रप्रयाग में न्यायिक मजिस्ट्रेटसिद्धार्थ कुमार की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में पैनल अधिवक्ता पंकज चैधरी ने बाल यौन शोषण की रोकथाम, व्यक्तिगत सुरक्षा और बच्चों के कानूनी अधिकारों पर जानकारी दी। विद्यार्थियों को किसी भी अनुचित घटना की स्थिति में बिना भय या संकोच के सहायता प्राप्त करने का संदेश दिया गया।