
Date/28/09/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। समाधान दिवस में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस दौरान 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, आपसी विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता, मुआवजा भुगतान, भूमि पैमाइश एवं अवैध निर्माण से संबंधित प्रकरण शामिल रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराया जाए। समाधान दिवस में 73 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक रामप्यारी गोदियाल ने पारिवारिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट एवं घर से निकाले जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पुत्रवधू एवं पौत्र द्वारा आए दिन उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तथा मकान उनके नाम करने के लिए दबाव बनाया जाता है। उन्होंने अपनी सुरक्षा एवं उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ईस्ट होपटाउन, विकासनगर के खसरा संख्या 868, खाता संख्या 614 के भूमि धारकों ने मकान एवं भूमि के मुआवजे का भुगतान न होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मुआवजा भुगतान के लिए फरवरी 2026 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए थे, लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। तहसील विकासनगर से रिपोर्ट लंबित होने की जानकारी दिए जाने की बात भी शिकायतकर्ताओं ने बताई। उन्होंने लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान कराने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
चन्द्रलोक बस्ती, राजपुर निवासी वृद्ध विधवा महिला यशोदा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा कथित मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता एवं धमकी दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी संबंधित थानाध्चैकी में शिकायत की गई है तथा पुत्र एवं पुत्रवधू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल किए जाने संबंधी सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है। इसके बावजूद संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने विवाद एवं मारपीट की आशंका का उल्लेख करते हुए स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पुलिस को शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




