
Date/06/06/2026
Mussoorie/ Uttarakhand prime 24×7
मसूरी। पर्यटन नगरी को अगर जाम नगरी कहा जाय तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। वीकएंड पर पर्यटकों के बड़ी संख्या में आने से बिगड़ी व्यवस्था, पुलिस के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। सुबह होते ही कई मार्गों पर जाम लग जाता है तो देर रात्रि तक लगा रहता है। जबकि प्रशासन व पुलिस दिन रात कड़ी मेहनत कर रही है लेकिन उनके प्रयास बढते वाहनों के दबाव के आगे फीके पड़ रहे है।
प्रातः आठ बजे से लंढौर, लाइब्रेरी, मोतीलाल नेहरू मार्ग पर जाम लगना शुरू हो जाता है जो सुबह 11 बजे तक रहता है, यह समय स्कूलों व नौकरीपेशा लोगों का होता है, बच्चे स्कूल जाते है, व विभिन्न संस्थानों के कर्मचारी अपने कार्य पर जाते है वहीं यही समय होटल से चैक आउट होता है। जिस कारण जाम लग जाता है। मालरोड से बाहर जाने वाले वाहनों की कतार भी आधे मालरोड तक लग जाती हैै, यही हाल पिक्चर पैलेस चैक का रहता है। इसके साथ ही मोती लाल नेहरू मार्ग, लंढौर का घंटाघर क्षेत्र हर समय जाम से जूझता रहता है, वहीं मालरोड पर व्यू प्वाइंट कलार्क के पास भी दिन में कई बार जाम लग जाता है, यहां पर रोड संकरी होने से जाम लगता है वहीं रोड किनारे खड़ी स्कूटियां इसमें अपना योगदान देती हैं। लाइब्रेरी से किंक्रेग मार्ग पर सुबह के समय जेपी बैंड से आगे तक वाहनों की कतार लगी रही। वहीं मसूरी झील के पास भी करीब एक किमी का जाम लगा रहा। यही हाल लाइब्रेरी से मोती लाल नेहरू मार्ग का रहा। वाहनों के बढते दबाव के कारण लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए वृहत योजना बनाये जाने की जरूरत है, हालाकि आने वाले समय में रोपवे बन जाने व उसके साथ ही अगर कैंपटी के लिए टनल बनेगी तो जाम से राहत मिलने की संभावना है, वहीं इस साल तो नहीं अगर अगले साल किमाड़ी मसूरी मार्ग के चैडी करण का कार्य पूरा हो जायेगा तो मसूरी से देहरादून के लिए एक मार्गीय यातायात शुरू होने से काफी राहत मिल सकती है। लेकिन इसमें अभी समय लगेगा तक के लिए प्रशासन व पुलिस को इस संबध में व्यवस्था बनानी है, ताकि जाम से राहत मिल सके।




