विधानसभा चुनाव को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट, नोडल अधिकारी तैनात – Uttarakhand Prime 24X7

विधानसभा चुनाव को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट, नोडल अधिकारी तैनात

Date/19/10/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में निर्वाचन कार्यों के लिए तैनात नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्टकिया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें 766 ग्रामीण और 1,279 शहरी क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पोलिंग स्टेशनों के नामों का सत्यापन करने तथा चार-पांच बूथ वाले केंद्रों पर मतदाताओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था करने को कहा।

19 पोलिंग स्टेशन शैडो एरिया में, नेटवर्क सुविधा दुरुस्त करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने पोलिंग स्टेशनों पर उपलब्ध नेटवर्क सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि मसूरी क्षेत्र के सात और चकराता क्षेत्र के 12 पोलिंग स्टेशन अभी भी शैडो एरिया में हैं। उन्होंने इन क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फरवरी माह में जनपद के 65 पोलिंग स्टेशनों पर बर्फबारी की संभावना है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के लिए अभी से आकस्मिकता योजना (कंटीजेंसी प्लान) तैयार करने तथा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावित होने से बचाने के निर्देश दिए।

अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ेगी निगरानी, तस्करी रोकने के लिए बनेगी रणनीति

जिलाधिकारी ने बताया कि देहरादून की सीमाएं हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और शिमला, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर तथा उत्तराखंड के चार जनपदों से लगती हैं। उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित करने तथा फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (एफएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) गठित कर उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों में नकदी और शराब की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

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