लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से केदार घाटी में जनजीवन प्रभावित
तापमान में भारी गिरावट से बढ़ी ठिठुरन, फसलों पर मंडराया नुकसान का खतरा

Date/28/09/2026
Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7
रुद्रप्रयाग। केदार घाटी सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले 36 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। लगातार बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। केदारनाथ और मदमहेश्वर सहित हिमालयी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह खराब बना हुआ है। बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर भी पड़ा है और यात्रा पड़ावों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही बेहद कम होने से सन्नाटा पसरा है।
लगातार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में काश्तकारों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में तैयार तथा पकने की कगार पर पहुंची फसलों पर बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने और लगातार नमी बने रहने से फसलों के खराब होने की आशंका है। काश्तकार बलवीर राणा ने बताया कि यदि मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहा तो कृषि उत्पादन प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मूसलाधार बारिश का असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक विभिन्न यात्रा पड़ावों पर तीर्थयात्रियों की चहल-पहल कम हो गई है। खराब मौसम के कारण यात्रियों के साथ ही यात्रा कारोबार से जुड़े स्थानीय दुकानदारों, घोड़े-खच्चर संचालकों और अन्य व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बारिश के बीच सड़क और पैदल मार्गों पर आवाजाही भी जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर बनातोली में लगातार बारिश के कारण मोरखमा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से यहां बनाया गया अस्थायी लकड़ी का पुल खतरे की जद में आ गया है। पुल के आसपास नदी का बहाव तेज होने से स्थानीय लोगों और यात्रा से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने पर पुल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि बनातोली मदमहेश्वर यात्रा मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव है और यहां से आगे यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में नदी का बढ़ता जलस्तर और अस्थायी पुल पर मंडराता खतरा यात्रा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
लगातार बारिश के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर बढ़ गया है। केदारनाथ, मदमहेश्वर समेत हिमालयी क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बिगड़े मौसम ने जहां तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं स्थानीय लोगों और यात्रा कारोबार से जुड़े लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।




