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राज्यपाल ने सैनिक सम्मेलन में सैनिकों का उत्साह बढ़ाया

राज्यपाल ने सैनिक सम्मेलन में सैनिकों का उत्साह बढ़ाया

Date/10/05/2026

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देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान लैंसडाउन में विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर सैनिकों का उत्साहवर्धन किया तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा भी की।

राज्यपाल ने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल पहुंचकर की, जहां उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत वे सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के साथ आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों एवं सैन्य परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं गौरवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। राज्यपाल द्वारा गढ़वाल राइफल्स केंद्र को उत्कृष्ट योगदान एवं गौरवशाली सैन्य परंपराओं के सम्मान स्वरूप विशेष ट्रॉफी प्रदान की गयी। इस अवसर पर राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह रेजिमेंट देश की सुरक्षा, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स ने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और समर्पण का परिचय देते हुए राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल राइफल्स की ओर से राष्ट्र रक्षा में सर्वस्व बलिदान करने वाले वीर शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा, जिसने सभी को राष्ट्र सेवा और बलिदान की भावना से अभिभूत कर दिया।

राज्यपाल ने वीर नारियों को राष्ट्र की शक्ति और सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेष रूप से वीर नारियों का अद्वितीय साहस और धैर्य होता है। उन्होंने कहा कि देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा। सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत आत्मिक एवं सौभाग्यपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव भगवान बद्री विशाल की कृपा एवं आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है और भारतीय सेना सदैव देश की सुरक्षा एवं गौरव की प्रतीक रही है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां लगभग प्रत्येक परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है। यहां के युवाओं के भीतर राष्ट्र सेवा की भावना जन्मजात होती है और उनका हृदय सदैव राष्ट्र सुरक्षा के लिए धड़कता है। उन्होंने कहा कि 139 वर्ष पूर्ण कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट देश के लिए गौरव का विषय है तथा इस सैन्य केंद्र ने देश के चरित्र निर्माण, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

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