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मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों ने भारत-चीन सीमा का किया दौरा, सीमांत गाँवों के लोगों से किया संवाद

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे फेज में युवाओं ने जाना भारत के सीमांत गाँवों का हाल

Date/22/06/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मेरा युवा भारत उत्तरकाशी द्वारा आयोजित 7-दिवसीय विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का भव्य समापन हो गया है। इस विशेष राष्ट्रीय एकीकरण और अध्ययन कार्यक्रम के तहत तीन राज्यों अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश से आए युवाओं ने उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों, भारत-चीन बॉर्डर और वाइब्रेंट विलेजेस का दौरा कर जमीनी स्तर पर हो रहे विकास कार्यों, स्थानीय संस्कृति और सीमाई जीवन की चुनौतियों को करीब से समझा।

7-दिवसीय कार्यक्रमों के दौरान आईटीबीपी के माटली कैंप में 12वीं वाहिनी द्वारा युवाओं को सीमा सुरक्षा और वाइब्रेंट विलेज की रणनीतिक अहमियत पर विशेष ब्रीफिंग दी गई। दूसरे दिन आवश्यक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शारीरिक और मानसिक सुदृढ़ता के परीक्षण के लिए युवाओं ने कंदारा बुग्याल के दुर्गम और अत्यंत खूबसूरत ट्रैक को सफलतापूर्वक पूरा किया।

सुखी गाँव में युवाओं ने यहाँ के ग्राम प्रधानों के साथ विशेष संवाद किया। विलेज सर्वे (ग्राम सर्वेक्षण) के जरिए स्थानीय समस्याओं और स्वरोजगार की संभावनाओं को समझा। संध्याकाल में स्थानीय संस्कृति को दर्शाते रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। झाला गाँव यहाँ झाला के ग्राम प्रधान के साथ युवाओं का सीधा संवाद हुआ। इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और एक विशेष सत्र में श्सरकारी योजनाएँ और राजनीति में युवाओं की भागीदारीश् विषय पर गंभीर चर्चा की गई। इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण पांचवें दिन भारत-चीन सीमा पर स्थित नेलोंग और जादुंग जैसे ऐतिहासिक व रणनीतिक बॉर्डर गाँवों का दौरा रहा। युवाओं ने आईटीबीपी की नागा बॉर्डर आउटपोस्ट पर जाकर देश की रक्षा में मुस्तैद हिमवीरों के साथ लंच किया और उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट के साथ एक खास बातचीत सत्र का आयोजन हुआ, जहाँ युवाओं ने देश की सुरक्षा प्रणालियों और विपरीत परिस्थितियों में सेना के प्रबंधन को समझा। इसी कड़ी में युवाओं ने विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम व गाँव का भी भ्रमण किया। सातवें और अंतिम दिन कार्यक्रम का समापन भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। पूरे सप्ताह अनुकरणीय अनुशासन और सीमांत क्षेत्रों के अध्ययन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।इस 7-दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को सीमांत क्षेत्रों की समृद्ध संस्कृति, वहाँ की भौगोलिक चुनौतियों और माननीय प्रधानमंत्री के वाइब्रेंट विलेज विजनश् से सीधे रूबरू कराना था। विभिन्न राज्यों के युवाओं ने यहाँ जमीनी स्तर पर जो अनुभव प्राप्त किया है, वह विकसित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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