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मां-बाप की डांट से घर छोड़कर भागा नाबालिग

मां-बाप की डांट से घर छोड़कर भागा नाबालिग

Date/29/11/2025

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। माता-पिता की डांट खाकर मध्यप्रदेश से घर छोड़कर भागा नाबालिग बालक नगर पालिका क्षेत्र में घूम रहा था। स्थानीय व्यक्ति ने बालक की सुरक्षा को देखते हुए उसे कोतवाली लाया गया। इसके बाद पुलिस की ओर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचना देने के साथ ही बच्चे के परिजनों की ढूंढखोज की गई।

बीते 27 नवंबर को नगर पालिका क्षेत्र रुद्रप्रयाग में करीब 10-12 वर्ष का एक नाबालिग बालक घूम रहा था। एक स्थानीय व्यक्ति ने बालक की सुरक्षा की दृष्टि से कोतवाली रुद्रप्रयाग में लाया गया। कोतवाली स्तर से बच्चे की रहने व खाने व रात्रि में रहने को लेकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सूचना दी गयी। पुलिस ने जब बच्चे के बारे में पता किया तो उसने अपना नाम धीरेन्द्र प्रजापति, निवासी सोहागपुर, जनपद शहडोल, मध्य प्रदेश बताया और उसने बताया किवह माता-पिता की डांट खाने के बाद बिना बताये घर से भागकर केदारनाथ घूमने के लिए आया हुआ है। बालक ने अपने परिजनों के मोबाइल नम्बर की जानकारी पुलिस को नहीं दी। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मनोज नेगी ने नाबालिग किशोर के परिजनों की जानकारी को लेकर अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए। नाबालिग किशोर के परिजनों के संबंध में जानकारी करने तथा अथक प्रयासों के उपरांत कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए थाना सोहागपुर से सम्पर्क स्थापित कर बच्चे के संबंध में सूचना दी गयी और परिजनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर बालक के परिजनों का मोबाइल नम्बर लेकर बालक की परिजनों से वीडियो कॉलिंग से बात करायी गयी। इसके बाद पता चला कि बालक शहडोल, सोहागपुर, मध्य प्रदेश का है और माता पिता की डांट से वह बीते 24 नवंबर को रात को बिना बताये घर से भाग गया था। जिस संबंध में थाना सोहागपुर जनपद शहडोल में बच्चे की गुमशुदगी पंजीकृत है। परिजनों से संपर्क स्थापित किये जाने पर बालक के माता-पिता को को सूचना दी गयी कि वे अपने बालक को लेने आ जांए। शुक्रवार को नाबालिग बालक को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। बालक को सकुशल व सुरक्षित पाकर माता-पिता अत्यन्त भावुक हो गए और उन्होंने रुद्रप्रयाग पुलिस का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापित किया। पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे ने बताया कि मां-बाप की डांट से बच्चे भागकर पहाड़ों की ओर आ रहे हैं। ऐसे अब तक कई मामले आ चुके हैं, जिनमें बाहरी राज्यों के बच्चे डांट खाने के बाद केदारनाथ की ओर आए हैं। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों का अच्छे से ख्याल रखें और डांटकर नहीं प्यार से उन्हें समझाएं, जिससे वे गलत कदम उठाने के लिए बार-बार सोचें।

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