महावीर जयंती पर जैन मंदिरों में हुआ पूजन, भव्य शोभायात्रा निकाली गई – Uttarakhand Prime 24X7

महावीर जयंती पर जैन मंदिरों में हुआ पूजन, भव्य शोभायात्रा निकाली गई

 

देहरादून। भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के शुभ अवसर पर देहरादून के सभी जैन मंदिरों में सामूहिक प्रक्षाल एवं शांति धारा सामूहिक महावीर जिन पूजन के मंगल उच्चारण और मंत्रों से गुंजायमान हुए और सभी ने बड़े धूमधाम से पूजन किया। इसी कड़ी में जैन मिलन देहरादून के तत्वावधान में दून चिकित्सालय में फल वितरण किया गया। तत्पश्चात जैन धर्मशाला गांधी रोड पर मनोहर लाल जैन धर्मार्थ होम्योपैथिक चिकित्सालय द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा वितरण शिविर लगाया गया इसके पश्चात जैन भवन से ही शोभायात्रा मंे भगवान को साथ लेकर चलने वालों के पात्रों का चयन किया गया तत्पश्चात श्रीजी की शोभायात्रा प्रारंभ हुई जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ-चढ़कर सहभागिता की। इस अवसर पर पूरा देहरादून नगर में तोरण द्वार से सजाया गया और विभिन्न तरह की झांकियां बैंड बाजे शोभायात्रा में शामिल की गई। जगह जगह पर शोभा यात्रा का स्वागत किया गया। शोभा यात्रा का स्वागत राजपुर विधानसभा के विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा ने किया।जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म बिहार के कुंडाग्राम में हुआ था। भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। कहा जाता है कि 30 वर्ष की आयु में इन्होंने राज महलों के सुख को त्याग कर सत्य की खोज में जंगलों की ओर चले गए। घने जंगलों में रहते हुए इन्होंने बारह वर्षों तक कठोर तपस्या की, जिसके बाद ऋजुबालुका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। भगवान महावीर ने समाज के सुधार और लोगों के कल्याण के लिए उपदेश दिए। भगवान महावीर का संदेश दया मानव धर्म का मूल मंत्र है दया शून्य धर्म हो ही नहीं सकता। दूसरों की भलाई में अपनी भलाई निहित है खुद जियो और दूसरों को भी जीने दो अपनी ताकत और बहादुरी को दूसरों की सहायता और भलाई के लिए काम में लाओ। भगवान महावीर ने सभी को अहिंसा के मार्ग पर चलना सिखाया।

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