
Date/06/09/2026
Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। आर्यिका रत्न 105 श्री पूर्णमति माताजी के पावन दिव्य सान्निध्य में गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन समाज की विभिन्न महिला मंडलों द्वारा भव्य नारी संस्कार सम्मेलन “नारी शक्ति, समाज की संस्कृति” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नारी शक्ति, संस्कार, धर्म एवं समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कुमारी शैलजा एवं उत्तराखण्ड कांग्रेस प्रभारी, विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक सविता कपूर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा लघु नाटिकाओं तथा बैनर प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक लघु नाटिका लगभग 5 मिनट तथा बैनर प्रस्तुति लगभग 2 मिनट की रही। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि नारी संस्कार सम्मेलन में बैनर प्रेजेंटेशन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्या सिंधु बालिका मंडल, जैन मिलन महिला भाग्य ज्योति, माजरा मंदिर, दिगंबर जैन समाज विकासनगर, प्रगति परिवार, जैन मिलन राजुल, एकता एवं महिला मिलन माजरा, वीरांगना मंच शिवालिक, श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर क्लेमेंटाउन, मूकमाटी परिवार, जिनवाणी जागृति मंच तथा प्रभु समर्पण समिति सहित विभिन्न संस्थाओं ने सहभागिता की।
प्रस्तुतियों में सती सीता की अग्नि परीक्षा, सोलह सतियां, सोलह शुद्धियां, संस्कार पाठशाला, धर्म में नारी का योगदान, नारी का श्रृंगार, संस्कारी नारी का महत्व, अष्टमंगल द्रव्य, भक्तामर स्तोत्र, आठ कर्म तथा वीरांगना झांसी की रानी, लिव इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को मंचित किया गया। सभी प्रस्तुतियां अत्यंत प्रेरणादायक, भावपूर्ण एवं अंतर्मन को स्पर्श करने वाली रहीं। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने प्रस्तुतियों की भरपूर सराहना की तथा आनंदपूर्वक कार्यक्रम का लाभ लिया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष गीता खन्ना तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी इंद्राणी पांधी को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक भी है। धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों से ही समाज को सही दिशा मिल सकती है।




