Dehradunउत्तराखंड

बाल कल्याण परिषद को नई सोच और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना होगाः राज्यपाल

बच्चों को विकसित भारत और एआई युग के अनुरूप तैयार करना आवश्यक

Date/07/05/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लोक भवन में आयोजित उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद की 17वीं बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि एक पवित्र दायित्व है। उन्होंने कहा ऐसे बच्चे, जिनके पास संसाधनों, संरक्षण एवं अवसरों का अभाव है, उनके जीवन को संवारने के लिए संवेदनशील एवं सक्रिय प्रयास आवश्यक हैं। राज्यपाल ने परिषद के सदस्यों से अधिक उत्साह, सक्रिय सहभागिता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण परिषद जैसी ऐतिहासिक संस्था को समय के अनुरूप नई सोच, नई कार्यशैली और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना होगा। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, अधिकार एवं कल्याण को केंद्र में रखकर कार्य किया जाना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में बाल कल्याण गतिविधियों को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी “बाल कल्याण केंद्र” विकसित किए जाएं, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं एवं सहायता का लाभ बेहतर ढंग से पहुंच सके। इसके लिए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बाल कल्याण केंद्र हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने कहा कि हमें बच्चों की पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित कर संतुष्ट नहीं होना चाहिए बल्कि आज आवश्यकता इस बात की है कि बच्चों को 21वीं सदी की चुनौतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विकसित भारत के विजन के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी से अधिक आवश्यकता सकारात्मक सोच और सामाजिक सहभागिता की है। उन्होंने सीएसआर एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से बाल कल्याण गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में राज्यपाल ने परिषद के नव नियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों से एक माह के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनः समीक्षा बैठक आयोजित कर बाल कल्याण के क्षेत्र में प्रभावी एवं परिणाम मूलक निर्णय लिए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button