पिथौरागढ़ में चीन बॉर्डर पर कालापानी में फटा बादल। – Uttarakhand Prime 24X7

पिथौरागढ़ में चीन बॉर्डर पर कालापानी में फटा बादल।

पिथौरागढ़, उत्तराखण्ड प्राइम 19/07/23। पिथौरागढ़ में बादल फटने की घटना हुई है। चीन बॉर्डर के पास कालापानी में बीती रात बादल फटा है। बादल फटने से इस इलाके में मौजूद बीआरओ यानी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेश का पुल और रोड क्षतिग्रस्त हो गई है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेसन का महत्वपूर्ण बैली ब्रिज टूटने से इस इलाके का लिपुलेख बॉर्डर से संपर्क कट गया है। हालांकि राहत की बात ये है कि बॉर्डर के इस इलाके में आबादी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। बीआरओ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। राजस्व विभाग की टीम धारचूला से कालापानी के लिए रवाना हो गई है। थोड़ी देर में राजस्व विभाग की टीम के भी मौके पर पहुंचने की उम्मीद है।
कालापीनी में बादल फटने के कारण बीआरओ का पुल ध्वसत हो गया है। इस कारण लिपुलेख बॉर्डर की आवाजाही बंद हो गई है। पिथौरागढ़ जिले का ये हिस्सा अति दुर्गम है। यहां तक रोड बनाने में भी बीआरओ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। वैली ब्रिज बनाने में भी काफी मेहनत लगी है। बादल फटने से बीआरओर को काफी नुकसान हुआ है। कालापानी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में है। 1997 से नेपाल द्वारा भी इस इलाके पर अपना दावा किया गया था। नेपाल का दावा था कि कालापानी सुदूर पश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले में स्थित है। यह क्षेत्र कालापानी नदी के बेसिन के हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। कालापानी 3600-5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
कालापानी की घाटी, जिसके शीर्ष पर लिपुलेख दर्रा है, कैलाश मानसरोवर के लिए भारत की ओर से मार्ग बनाती है। यह उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के भोटिया और नेपाल की टिंकर घाटी के लिए तिब्बत का पारंपरिक व्यापारिक मार्ग भी रहा है। काली नदी इस क्षेत्र में भारत और नेपाल के बीच सीमा बनाती है।

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