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नेत्र परीक्षण शिविरों में 176 लोगों की हुई जांच, 16 बच्चों को बेस अस्पताल किया रेफर

नेत्र परीक्षण शिविरों में 176 लोगों की हुई जांच, 16 बच्चों को बेस अस्पताल किया रेफर

Date/13/08/2026

Rudraprayag/Uttarakhand prime 24×7 

रुद्रप्रयाग। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सौजन्य से राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में आयोजित नेत्र परीक्षण शिविरों में कुल 176 लोगों की आंखों की जांच की गई। जखोली ब्लॉक के सुमाड़ी में आयोजित स्कूल आई स्क्रीनिंग में 161 बच्चों की जांच हुई, जबकि गुप्तकाशी में 15 ग्रामीणों का नेत्र परीक्षण किया गया। इसके अलावा मनसूना में आयोजित मोतियाबिंद शिविर में भी ग्रामीणों की आंखों की जांच कर उपचार के लिए चिन्हित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल गोयन के निर्देशन तथा निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान के सहयोग से घर-घर नेत्र जांच एवं स्कूल आई स्क्रीनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर सुमाड़ी में 161 छात्र-छात्राओं की आंखों की जांच की गई। जांच के दौरान 16 बच्चों को बेहतर नेत्र परीक्षण के लिए बेस चिकित्सालय रेफर किया गया, जबकि 12 बच्चों को चश्मे वितरित किए गए।

वहीं, विवेकानंद नेत्रालय के सहयोग से गुप्तकाशी स्थित विवेकानंद विजन सेंटर में आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर में 15 ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। जांच में चार ग्रामीणों में मोतियाबिंद की समस्या पाई गई। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनसूना में आयोजित मोतियाबिंद शिविर में विवेकानंद नेत्रालय, रामकृष्ण मिशन आश्रम किशनपुर, देहरादून की स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों की आंखों की जांच की। जांच में चार लोगों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। चिन्हित मरीजों का देहरादून स्थित विवेकानंद नेत्रालय में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया जाएगा। मरीजों को रामकृष्ण मिशन आश्रम एवं विवेकानंद नेत्रालय की टीम द्वारा देहरादून ले जाने की व्यवस्था की जाएगी।

शिविरों के आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों और विद्यालयों में बच्चों एवं आमजन को समय पर नेत्र संबंधी समस्याओं की पहचान, उपचार और आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से नियमित रूप से नेत्र परीक्षण कराने तथा आंखों से संबंधित किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की अपील की गई। सुमाड़ी में आयोजित शिविर में गौरव नौटियाल, कुलेंद्र रावत, अमन सरियाल, आकाश राणा एवं सुखवीर ने सेवाएं दीं। वहीं गुप्तकाशी शिविर में डॉ. नितिन रावत, सौरभ बर्तवाल एवं सौरभ रावत ने सहयोग प्रदान किया।

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