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धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची शुद्धिकरण का महाअभियान, 8 जून से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

एसआईआर प्रशिक्षण में राजनीतिक दलों, बीएलओ और प्रशासन को दी गई जिम्मेदारी

Date/18/05/2026

Dehradun/ Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। विधानसभा क्षेत्र-18 धर्मपुर में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार को आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, बीएलए-1, बीएलए-2, बीएलओ, पार्षदों और सुपरवाइजरों को अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण अभियान बताया। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और पूरी तरह अद्यतन बनाना निर्वाचन आयोग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए फील्ड स्तर पर हर कार्मिक को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 01 से 118 तक नियुक्त विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की ओर से बीएलए-1 सुशील कुमार गुप्ता तथा कांग्रेस की ओर से बीएलए-1 आशीष कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा विधानसभा-18 धर्मपुर की एईआरओ अभिलाषा भट्ट एवं शिखा कंडवाल सहित बड़ी संख्या में पार्षद, बीएलए-2 और सुपरवाइजर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बेहद अहम रहेगा।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में 8 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू होगा। अभियान के तहत सभी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं तक पहुंचेंगे और गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। निर्वाचन विभाग के अनुसार 8 जून से 17 जून तक गणना प्रपत्र वितरण का कार्य किया जाएगा, जबकि 18 जून से 7 जुलाई तक भरे हुए प्रपत्रों को वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया संचालित होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और प्रत्येक बूथ स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी बीएलए-2 को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर पहले से कार्ययोजना तैयार करें। अधिकारियों ने कहा कि घर-घर संपर्क अभियान के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटना नहीं चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंच सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए बीएलओ, बीएलए-2, सुपरवाइजर और जनप्रतिनिधियों को मिलकर कार्य करना होगा।

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