Date/02/11/2026
Dehradun/Uttarakhand prime 24×7
देहरादून। द पॉली किड्स तुनवला एवं मोहकमपुर ब्रांच रचनात्मकता, सांस्कृतिक विरासत और समग्र शिक्षा का उत्सव मनाने की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, द पॉली किड्स ने अपनी तुनवला और मोहकमपुर शाखाओं के वार्षिक समारोहों का भव्य आयोजन सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला, देहरादून में किया। इन कार्यक्रमों में नन्हे विद्यार्थियों की असाधारण प्रतिभा को रंगारंग प्रस्तुतियों, भावपूर्ण नृत्य शैलियों और सार्थक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इन प्रस्तुतियों ने कला की उस शक्ति को उजागर किया, जो लोगों को प्रेरित करने, शिक्षित करने और एक साथ जोड़ने का कार्य करती है। इन समारोहों में लगभग 600 अतिथियों एवं अभिभावकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
तुनवला शाखा ने “द रेनबो लैंड भारत के रंगों का उत्सव” प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भारत के विभिन्न राज्यों और परंपराओं की एक जीवंत सांस्कृतिक यात्रा पर ले गया। कार्यक्रम में द कॉस्मिक पल्स (शिव तांडव), भांगड़ा बीट्स एंड टाइनी फीट्स (पंजाब), गोवा कार्निवल, मेरा देश, मेरी शान, बाल-जलसारू नॉन-स्टॉप मस्ती (गुजरात), रंगीलो राजस्थान, रिदम्स ऑफ द गॉड्स (उत्तराखंड), सांवरी सूरत, भोली राधा, परंपरा एंड स्वरूप, मैनी स्टेट्स, वन स्पिरिट और तरंग द वेव जैसी मनमोहक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों ने भारत की विविधता में एकता, समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव का सुंदर उत्सव मनाया, जिसका समापन एक भव्य और रंगारंग प्रस्तुति के साथ हुआ। मोहकमपुर शाखा ने “पहाड़नामा उत्तराखंड की गूंज” प्रस्तुत किया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, लोककथाओं और प्राकृतिक सुंदरता का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में स्वागतं दृ वेलकम सॉन्ग, छोटे रॉकर्स, नन्ही मुस्कान इन पहाड़, देवभूमि की फुलारिया, राम्माण फेस्टिवल, पहाड़ी ग्लैमर, आँचल कुमाऊँ का, फूल संक्रांति, मेरी धना ठंडो रे ठंडो, जंगल की चीख पेड़ की आत्मकथा, नन्हे भक्त और माँ नंदा, आछरी जागर और योद्धा दृ मार्शल आर्ट्स पावर जैसी मनमोहक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। इन प्रस्तुतियों ने पारंपरिक संगीत, नृत्य, लोककथाओं, आध्यात्मिकता और पर्यावरण जागरूकता के माध्यम से देवभूमि की आत्मा को जीवंत कर दिया, जिसका समापन अंतिम झलक देवभूमि की गूंज के साथ हुआ। दोनों समारोहों ने बच्चों में रचनात्मकता, सांस्कृतिक सराहना, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण जागरूकता और आत्मविश्वास को विकसित करने के प्रति द पॉली किड्स की प्रतिबद्धता को दर्शाया। इन कार्यक्रमों का समापन गर्व और उल्लास के वातावरण में हुआ, जिसने कक्षा के बाहर भी सार्थक शिक्षण अनुभव प्रदान करने के विद्यालय के दृष्टिकोण को और सुदृढ़ किया। इन समारोहों की शोभा द पॉली किड्स के अध्यक्ष कैप्टन मुकुल महेंद्रू और संस्थापक निदेशक रंजना महेंद्रू की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी। निदेशक एवं वंदना छेत्री, सिद्धार्थ चंदोला और आशीष कुमार ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया तथा सभी की उत्साहपूर्ण उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया।