Date/03/11/2026
Mussoorie/Uttarakhand prime 24×7
मसूरी। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। रंग-बिरंगी लाइटों, सजावटी सामान, मिठाइयों, कपड़ों और उपहारों से दुकानें सज चुकी हैं। शहर में हर तरफ त्योहार का उत्साह और खरीदारी की चमक दिखाई दे रही है। लेकिन इस चमक-दमक के बीच स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों की चिंता भी बढ़ रही है। ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन ने स्थानीय कारोबार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। व्यापारियों का कहना है कि पहले दीपावली के दिनों में दुकानों पर सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। त्योहार नजदीक आते ही बिक्री में तेजी आ जाती थी और दुकानदारों को पूरे साल के कारोबार में दीपावली से बड़ी उम्मीद रहती थी। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। दिनभर दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार करने के बावजूद अपेक्षित बिक्री नहीं हो पा रही है।
व्यापारियों के मुताबिक, ऑनलाइन मंचों पर मिलने वाली आकर्षक छूट, घर बैठे खरीदारी की सुविधा और तरह-तरह के प्रस्तावों के चलते ग्राहक स्थानीय दुकानों के बजाय ऑनलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसका सीधा असर छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों पर पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि दुकानदारों को दुकान का किराया, बिजली का बिल, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार उठाने पड़ते हैं। दूसरी ओर, ऑनलाइन मंचों पर कई तरह की छूट उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में स्थानीय दुकानदारों के लिए प्रतिस्पर्धा करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
व्यापारी रवि गोयल ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी से बाजार प्रभावित हुआ है। यातायात के बढ़ते दबाव के कारण भी ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं और घर बैठे खरीदारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वस्तुओं की गुणवत्ता को लेकर भी ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय दुकानदार से खरीदे गए सामान में किसी प्रकार की परेशानी होने पर ग्राहक सीधे दुकानदार के पास पहुंच सकता है। वहीं, स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने पर ग्राहकों को सामान की गुणवत्ता और उपलब्ध सेवा को लेकर अधिक भरोसा रहता है।
व्यापारी संदीप अग्रवाल ने कहा कि सभी दुकानदार दीपावली का पूरे साल इंतजार करते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि त्योहार के दौरान कारोबार बढ़ेगा, लेकिन ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन से सभी दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं। कई दुकानदार दिनभर खाली बैठे रहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि दीपावली पर स्थानीय दुकानों से खरीदारी कर छोटे व्यापारियों का सहयोग करें। स्थानीय दुकानदार हर समय अपने ग्राहकों के साथ खड़े रहते हैं और बाजार की रौनक भी उन्हीं से बनी रहती है। व्यापारियों को उम्मीद है कि दीपावली के अंतिम दिनों में बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी और स्थानीय कारोबार को कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, ऑनलाइन बाजार की बढ़ती पकड़ के बीच स्थानीय दुकानदारों के सामने अपने कारोबार को बचाए रखने की चुनौती लगातार बनी हुई है।