टेक्नोलॉजी और समाज पर प्रभाव से ही संभव हुई 25 सालों की सफलता
देहरादून। जॉन डियर ने देश और दुनिया भर में किसानों की सेवा के लिए अपने इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और सतत उत्पादन क्षमता द्वारा देश के विनिर्माण, प्रतिभा और सप्लाई चैन को जारी रखा है द्य कंपनी ने इन सभी चीजों को तकनीकी रूप से खेती की पैदावार बढ़ाने के लिए डिजाइन किया है। 5 एम सीरीज ट्रैक्टर और इसकी उत्पादन प्रणाली इस बात का ताजा उदाहरण है, जो अधिक हॉर्सपावर और अत्याधुनिक विशेषताओं के साथ-साथ उन्नत टेक्नोलॉजी प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य खेती करने की लागत को कम करना और किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। ट्रेक्टर, हार्वेस्टर और अत्याधुनिक तकनीक वाले उपकरणों के साथ, इस प्रकार के उत्पादों और नए तरीकों की पेशकश, सही मायने में जॉन डियर की ओर से किसानों को तकनीकी रूप से बेहतर कृषि समाधानों की एक बड़ी रेंज उपलब्ध कराने की लगातार कोशिश का नवीनतम उदाहरण है। मुकुल वार्ष्णेय, डायरेक्टर कॉर्पोरेट अफेयर्स, जन संपर्क, मीडिया एवं कम्युनिकेशन ने मीडिया के सभी साथियों का स्वागत किया। उन्होंने कंपनी की 187 वर्षों की विरासत के बारे में बताते हुए कहा, वी रन सो लाइफ कैन लीप फॉरवर्ड जॉन डियर खेती और खेती के लिए जमीन तैयार करने वाले उपकरणों, उत्पादों और तरीकों का निर्माण करने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनी है, जो निर्माण और वानिकी उद्योग को भी अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जॉन डियर अपनी अत्याधुनिक तकनीक और समाधानों के जरिए अपने ग्राहकों को आर्थिक रूप से, स्थायी तौर पर फायदा पहुंचाने के लिए अद्वितीय है। भारत में अपने 25 सालों की इस यात्रा के दौरान, हमने भारतीय खेती में भी बदलाव देखा है। जॉन डियर में हम सही मायने में अपने ऊंचे इरादों की ओर आगे बढ रहे हैं। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए शैलेन्द्र जगताप, मैनेजिंग डायरेक्टर, जॉन डियर इंडिया, ने कहा, 25 साल पहले अत्याधुनिक सुविधाओं वाले उत्पादों की पेशकश के साथ भारत में हमारे सफर की शुरुआत हुई थी, जिसमें पावर स्टीयरिंग, ऑयल में डूबे हुए डिस्क ब्रेक, प्लेनेटरी रिडक्शन, फोर्स फीड लुब्रिकेशन, और बहुत अधिक टॉर्क वाले मशीन के साथ-साथ फ्रंट पीटीओ, पर्मा क्लच, ऑटोट्रैकन्न्, पावररिवर्सरन्न् और जेडीलिंकन्न् जैसी बेहद महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि, ष्जॉन डियर ने इनोवेशन करना और भारत में इन अत्याधुनिक सुविधाओं को पेश करना जारी रखा है, जो अब इस उद्योग जगत के मानक बनते जा रहे हैं। किसानों की सोच प्रगतिशील है, और जब वे टेक्नोलॉजी की अहमियत और इससे लागत में होने वाले फायदे को देखते हैं तो वे इसे जरूर अपनाते हैं।




