चुनावी चिंता छोड़, विपक्ष अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ करे प्रतिभागः महेंद्र भट्ट  – Uttarakhand Prime 24X7

चुनावी चिंता छोड़, विपक्ष अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ करे प्रतिभागः महेंद्र भट्ट 

Date/18/10/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस की गैरसैण सत्र को लेकर घेराव की घोषणा को नकारात्मक राजनीति की किताब का एक और काला अध्याय जोड़ने की कोशिश बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कटाक्ष किया कि पूरे 5 साल कांग्रेस ने सदन के बाहर घेराव और अंदर हंगामे एवं जनमुद्दों पर सोने में ही किए बर्बाद। सत्रों की शुरुआत घेराव और अंत हंगामे से करने से बेहतर है कि विपक्ष वर्तमान अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ प्रतिभाग करें।

उन्होंने कांग्रेस कांग्रेस प्रभारी द्वारा गैरसैण में आयोजित होने वाले सत्र के घेराव और प्रदर्शन की घोषणा पर पूछे मीडिया सवालों का जवाब देते हुए इसे नकारात्मक और उद्देश्यहीन राजनीति का हिस्सा बताया। कांग्रेसी रुख की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, बेहद निराशा होती है ये जानकर कि विगत 5 सालों में भी कांग्रेस के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ। क्योंकि विधानसभा लोकतंत्र का वह सर्वोच्च सदन होता है जहां पर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। ऐसे अनेकों अवसर वर्तमान विधानसभा कार्यकाल में भी आए लेकिन अफसोस कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के गैरजिम्मेदाराना और असंवेदनशील रवैए में कोई बदलाव नहीं आया। शायद ही कोई अवसर रहा, जब सत्र की शुरुआत घेराव या प्रदर्शन से विपक्ष द्वारा नहीं की गई हो। दरअसल, विपक्ष के नेता और विधायक जनता के बीच नहीं रहते और सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए हमेशा हंगामे के ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं।

वहीं पिछले 5 साल का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि सदन के बाहर ही नहीं सदन के अंदर भी विपक्ष का पूरा ध्यान हंगामा करने में ही लगा रहा। जनता भी गवाह है कि विपक्षी विधायकों द्वारा न तो जनहित के मुद्दे उठाए जाते हैं और ना ही क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने का प्रयास वे करते हैं। उसके उलट यदि सत्ता पक्ष की विधायकों द्वारा या सरकार द्वारा किसी महत्वपूर्ण विषय, विधेयक या जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जाती हैं। तो उसमें भी विपक्ष हंगामा और शोर शराबा कर हमेशा ध्यान भटकने और विषय को लटकाने की कोशिश में हमेशा लगा रहता दिखाई दिया। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि कांग्रेस समेत विपक्ष के कई विधायकों को सदन में अक्सर अराजकता और हुड़दंग करते हुए भी देखा गया। इतना ही नहीं सदन के अंदर, दिन में हंगामा और रात को कंबल ओढ़ कर सोने का रिकॉर्ड भी उत्तराखंड के विपक्ष के नाम ही कायम हुआ। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश के विकास और कल्याण के लिए इस अंतिम सत्र को सफल और जनलाभकारी बनाना हम सबका नैतिक दायित्व है। लिहाजा पिछले पुराने अनुभव को भूलकर इस सत्र का अधिक से अधिक उपयोग जनहित में किया जाए, उसको लेकर विपक्ष को अपनी घोषणा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। वहीं तंज कसा कि अन्यथा ये तो पब्लिक है, ये सब जानती है, अंदर क्या है बाहर क्या है सब पहचानती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *