Date/19/10/2026
Gersain/Uttarakhand prime 24×7
गैरसैंण। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के विकास के मुद्दों को लेकर प्रदेश सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आ गई है। सोमवार को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने कर्णप्रयाग के वर्तमान भाजपा विधायक अनिल नौटियाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए वर्तमान विधायक की तुलना कुंभकर्ण से कर दी। साथ ही नौकरशाही पर गैरसैंण के विकास में जानबूझकर अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया।
सोमवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी का गुस्सा वर्तमान विधायक अनिल नौटियाल पर जमकर फूटा। उन्होंने कहा कि गैरसैंण विधानसभा और क्षेत्र की जनता ने जिस उम्मीद के साथ विधायक चुना था, उस पर पानी फिर गया है।
सुरेंद्र नेगी ने आरोप लगाया कि उन्होंने गैरसैंण के चैमुखी विकास के लिए 5 से 6 प्रमुख मांगें तैयार की थीं, जिन्हें लेकर पिछले पांच सालों में विधायक अनिल नौटियाल को लगातार कई पत्र लिखे गए। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विधायक ने इन पांच सालों में एक भी पत्र का संज्ञान नहीं लिया और न ही किसी सार्वजनिक मंच या सरकार के सामने इन बुनियादी मांगों को उठाया। पूर्व विधायक सुरेंद्र नेगी ने साल 2017 के घटनाक्रमों को याद करते हुए कहा कि जब वे विधायक बने थे, तब गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए जी-जान से प्रयास किए गए थे।
उस समय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राजधानी परिक्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए एक विशेष उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की गई थी। तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र रावत ने गैरसैंण राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 10 सालों के भीतर 25 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का ऐतिहासिक ऐलान किया था।
उन्होंने कहा कि इस भारी-भरकम बजट के तहत गैरसैंण में एक विशाल कृत्रिम झील का निर्माण, प्रतिष्ठित भाषा संस्थान की स्थापना और एक अत्याधुनिक मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाना तय हुआ था, लेकिन आज हकीकत ये है कि इन बड़ी योजनाओं पर एक इंच भी काम आगे नहीं बढ़ पाया है।