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क्षमावाणी महापर्व में गूंजा विश्व मैत्री का संदेश, पूर्णमति माताजी ने कहा-क्षमा हृदय से करने का भाव रखें

जैन समाज ने मनाया सामूहिक क्षमावाणी महापर्व, जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए मांगी क्षमा

Date/27/09/2026

Dehradun/Uttarakhand prime 24×7 

देहरादून। जैन मिलन देहरादून, विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति एवं दिगंबर जैन समाज देहरादून की ओर से परम पूज्य आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी के सानिध्य में विश्व मैत्री दिवस एवं सामूहिक क्षमावाणी महापर्व का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर एक-दूसरे से क्षमा याचना की और आपसी मैत्री एवं सद्भाव का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री के चित्र के अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। देहरादून में जैन मिलन की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भक्तिभाव के साथ आचार्य श्री का पूजन किया। इसके बाद पूज्य पूर्णमति माताजी को शास्त्र भेंट किया गया। साक्षी जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जबकि महिला जैन मिलन राजुल की सदस्यों ने भगवान महावीर स्वामी की प्रार्थना की।

इस अवसर पर आर्यिका 105 श्री पूर्णमति माताजी ने क्षमावाणी पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षमावाणी केवल शब्दों या औपचारिकता का पर्व नहीं है, बल्कि इसे हृदय से आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से किया गया क्षमा भाव अंतरात्मा को पवित्र करता है। व्यक्ति को कष्ट सहकर भी क्षमा करने का भाव रखना चाहिए, तभी क्षमावाणी पर्व की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि “क्षमावाणी पर्व कार्ड से नहीं, बल्कि हार्ट से मनाएं।” सच्चे हृदय से क्षमा मांगना और सच्चे हृदय से क्षमा करना दोनों ही साहस और उदारता का परिचायक हैं। पूर्णमति माताजी ने कहा कि पर्यूषण पर्व का प्रारंभ उत्तम क्षमा से होता है और इसके समापन पर क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर बीते वर्ष में जाने-अनजाने हुई भूलों और पापों के लिए क्षमा याचना की जाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जाने-अनजाने में अनेक जीव-जंतुओं एवं प्राणियों को कष्ट पहुंचा देता है। क्षमावाणी के माध्यम से उन कर्मों की निर्जरा के लिए क्षमा मांगी जाती है, जिससे मनुष्य अपने मन को स्वच्छ एवं निर्मल बना सके।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि 28 सितंबर को महिला जैन मिलन की ओर से आचार्य श्री को अर्घ्य एवं शास्त्र भेंट किए जाएंगे। कार्यक्रम में विद्या समय पूर्ण वर्षायोग समिति के अध्यक्ष राजीव जैन, मुख्य संयोजक अमित जैन, जैन मिलन देहरादून के अध्यक्ष राकेश जैन, मंत्री पंकज जैन, डॉ. संजीव जैन, राष्ट्रीय मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष नरेश चंद्र जैन, क्षेत्रीय अध्यक्ष अतिवीर डॉ. संजय जैन, सतीश चंद जैन, अशोक जैन, लोकेश जैन, सुनील कुमार जैन, राजीव कुमार जैन, संदीप जैन, अलका जैन, प्रीति जैन, बबिता जैन, मोनू जैन, शेफाली जैन, अमित जैन (देवलोक कॉलोनी), अरुण जैन सहित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी तथा सैकड़ों की संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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